सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. राजभर ने कहा कि दो जुलाई को सामाजिक न्याय के प्रखर पुरोधा और कुर्मी समाज के प्रमुख नेता डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती थी, लेकिन अखिलेश यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि तक नहीं दी. उन्होंने इसे कुर्मी समाज के सम्मान की अनदेखी बताया.
ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी गैर यादव पिछड़े समाज के नेताओं को उचित सम्मान नहीं देती. उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी नेता को नायक मानने की पहली शर्त यादव होना है.
लखनऊ में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने दे दिया जीत का मंत्र, सांसद-विधायकों को सीधा संदेश
‘बेनी प्रसाद वर्मा का उदाहरण’
राजभर ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय बाबू बेनी प्रसाद वर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें भी यादववाद के कारण पार्टी छोड़नी पड़ी थी. उन्होंने दावा किया कि बाद में परिस्थितियां बदलने पर ही उनकी वापसी संभव हुई.
‘बहुजनों की लड़ाई जारी रहेगी’
सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि बहुजन समाज के सम्मान की लड़ाई वह पहले भी लड़ते रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे. उन्होंने कुर्मी समाज से अपील की कि वे समाजवादी पार्टी की कार्यशैली को समझें और स्वाभिमान की रक्षा करें.
मुलायम सिंह यादव सम्मान करते थे
राजभर ने कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव डॉ. सोनेलाल पटेल का सम्मान करते थे. उन्होंने अखिलेश यादव से अपील की कि वे कम से कम अपने पिता की राजनीतिक परंपरा का निर्वहन करें.
ओम प्रकाश राजभर का यह बयान 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए सपा और सुभासपा के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाता है. सपा की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
राम मंदिर चंदा चोरी केस: 5 आरोपियों से जेल में पूछताछ करेगी अयोध्या पुलिस, कोर्ट से मिली इजाजत