वाराणसी: गंगा की लहरों पर बीयर पीने और मांसाहारी भोजन की पार्टी उड़ाने वाले पांचों युवकों को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है. सोशल मीडिया पर हुड़दंगबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद त्वरित एक्शन में आई वाराणसी पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. हालांकि, अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली गई है और उन्हें रिहा करने का आदेश जारी हो गया है.
बचाव पक्ष (आरोपियों) के अधिवक्ता विकास सिंह ने गुरुवार को इस कानूनी राहत की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट एवं सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी पांचों आरोपियों की जमानत स्वीकार कर ली है. कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी को 20-20 हजार रुपये की दो-दो जमानतें (Sureties) और व्यक्तिगत मुचलका (Personal Bond) दाखिल करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया, जिसके बाद मंगलवार को इन्हें रिहा कर दिया गया.
ये हैं जमानत पाने वाले आरोपी
दस्तावेजों और इमेज में दी गई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार कर जेल भेजे गए इन हुड़दंगियों की उम्र 25 से 32 वर्ष के बीच है, जिन्हें पुलिस ने 23 जून को दबोचा था. इनकी पहचान इस रूप में हुई है:
दीपक कुमार – सूजाबाद पड़ाव, रामनगर
अजय साहनी – नाविक
अरुण कुमार साहनी – डोमरी, रामनगर
अनुराग निषाद – बंधा रोड, सूजाबाद, रामनगर
राहुल साहनी – बंधा रोड, सूजाबाद, रामनगर
सोमवार को वायरल हुआ था ‘पार्टी’ का वीडियो
यह पूरा मामला सोमवार शाम उस समय चर्चा में आया था, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ. इस वीडियो में ये सभी युवक गंगा नदी के बीच एक चलती नाव पर सरेआम बीयर के कैन खोलते और मांसाहारी भोजन (नॉन-वेज) का लुत्फ उठाते नजर आ रहे थे. वीडियो वायरल होते ही काशी के स्थानीय नागरिकों और तीर्थ पुरोहितों में रोष फैल गया, जिसके बाद दशाश्वमेध क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अतुल अनजान त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की, आरोपियों को गिरफ्तार किया और घटना में इस्तेमाल की गई नाव को भी जब्त कर लिया था.
इमेज के अनुसार, वाराणसी में गंगा नदी की शुचिता भंग करने का यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले इसी वर्ष 16 मार्च को भी नाव पर बिरयानी खाते हुए कुछ युवकों का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने 14 युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिन्हें बाद में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी.