Last Updated:
Delhi Dehradun Expressway After Rain : करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पहली ही बारिश के बाद सवालों के घेरे में आ गया है. कई जगह सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें वाहन फंस रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब लोग पूछ रहे हैं कि अगर पहली बारिश में ही सड़क की यह हालत है, तो आने वाले वर्षों में इस एक्सप्रेसवे का क्या होगा?
दिल्ली देहरादून की सच्चाई
सहारनपुर: दिल्ली से उत्तराखंड के पहाड़ों तक का सफर अब आधा और पहले से कहीं ज्यादा तेज व रोमांचक हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर जनता को बड़ी सौगात दी. पहले दिन जब लोगों ने इस एक्सप्रेसवे पर वाहन दौड़ाए तो पता चला कि टोल काफी वसूला जा रहा है बाकी तो सब चंगा है. मगर, अब यूपी में मानसून एंट्री ले चुका है. ऐसे में झमाझम बारिश हो रही है. इस रिमझिम बारिश का असर 12000 करोड़ रुपये से बने इस हाईवे पर सबसे ज्यादा पड़ा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने 210 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठा दिए. पहली बारिश में ही सड़क पर कुछ जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए. इससे निकलने वाले वाहन हादसे का शिकार हो रहे हैं. हालांकि, न्यूज 18 इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
दिल्ली से देहरादून का सफर… जो कभी लंबा, थकाऊ और 5-6 घंटों का हुआ करता था, वह अब ढाई घंटे में सिमट जाता है. यह प्रोजेक्ट करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना है, लेकिन मानसूनी बारिश यह सड़क नहीं झेल पा रही है. सिर्फ 3 महीने के भीतर हाइवे के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं. बारिश शुरू होने से पहले ही एक्सप्रेसवे की स्लैब से पानी टपकने की बात सामने आई है.
इतना ही नहीं, शास्त्री पार्क से खजूरी खास की ओर जाने वाली एक सड़क भी क्षतिग्रस्त हुई है. यहां कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है. आने जाने वाले वाहन हादसे का शिकार हो रहे हैं. सोशल मीडिया पर देहरादून एक्सप्रेसवे का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क पर दो गहरे गड्ढे नजर आ रहे हैं. इसे सचिन गुप्ता नाम के एक यूजर ने X पर शेयर किया है.
12 हजार करोड़ रुपए से बने वर्ल्ड क्लास दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस वे को देख लीजिए। बरसाती सीजन शुरू होते ही गड्ढे बन गए हैं। गाड़ियों को नुकसान पहुंच रहा है। इसी 14 अप्रैल को PM नरेंद्र मोदी ने उदघाटन किया था। pic.twitter.com/dTM9fc7cYI
वीडियो में शख्स कहता सुनाई दे रहा है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का रोड इतना गंदा हो रहा है कि मेरे सामने 4 से 5 गाड़ियां अपना बैलेंस खो चुकी है. गाड़ियां गिरते-गिरते बची हैं. जबकि 2 गाड़ियों के अलॉय व्हील टेढ़े हो चुके हैं. 12 हजार करोड़ रुपये से बने वर्ल्ड क्लास दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस वे को देख लीजिए. बरसाती सीजन शुरू होते ही गड्ढे बन गए हैं.
कहा जाता है कि एक्सप्रेसवे पर केवल पुलिस का पहरा ही नहीं, बल्कि तीसरी आंख का भी कड़ा पहरा है. पूरे कॉरिडोर पर एएनपीआर (ANPR) कैमरे और रडार बेस्ड वीएसडीएस (VSDS – Vehicle Speed Detection System) लगाए गए हैं. अगर कोई वाहन तय गति सीमा से अधिक तेज दौड़ता मिला, तो सिस्टम खुद-ब-खुद चालान जनरेट कर देगा. सीट बेल्ट न लगाने या नाबालिग के वाहन चलाने पर भी सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है. तो क्या अब गड्ढे उसमें नहीं दिख रहे हैं?
About the Author

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें