पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बलिया के थाना बांसडीह स्थित शीतल दवनी गांव के ज्ञानेंद्र सिंह मन्नू को भी पुलिस तलाश कर रही हैं. हालांकि ज्ञानेंद्र अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है लेकिन, इस बीच उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो है जिसमें वो पूरे हत्याकांड की कलई खोलते सुना जा सकता हैं
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सीबीआई की टीम ज्ञानेंद्र सिंह मन्नू को गिरफ़्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही हैं लेकिन, अभी तक उसे गिरफ़्तार नहीं कर पाई है. ज्ञानेंद्र का जो ऑडियो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें आरोपी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस घटना की निष्पक्ष जांच की अपील की है.
सोशल मीडिया पर आरोपी का ऑडियो वायरल
ज्ञानेंद्र ने इस हत्याकांड के पीछे बलिया के ही मुकेश सिंह डुलडुल का नाम लिया है. वायरल ऑडिया में उसने माना है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले जिस गाड़ी का इस्तेमाल हुआ वो गाड़ी मुकेश सिंह के कहने पर ही जितेंद्र सिंह ने उसे दी थी. इस गाड़ी को लेकर वो गाज़ीपुर गया था और वही छोड़ दिया था.
आरोपी ने दावा किया कि इस घटना को अंजाम देने के लिए मुकेश सिंह उसे कोलकाता लेकर गया था. उसने कहा कि था कि तुमपर जो मुकदमा किया हूँ वह वापस ले लूंगा और जमीन भी छोड़ दूंगा, बस मेरा एक काम कर दो. ज्ञानेंद्र सिंह आरोप लगाया मुकेश और उसके भाई के पास दस प्रकार के सिम हैं जिनकी जाँच होनी चाहिए. ये सारा काम मुकेश कुमार डुलडुल के कहने पर ही हुआ.
मुकेश सिंह डुलडुल पर लगाएं गंभीर आरोप
ज्ञानेंद्र सिंह मन्नू ने कहा कि मुकेश सिंह से उसकी दुश्मनी चलती है और वो उसे बंगाल में हुई घटना में फंसाना चाहता है. दो महीने पहले ही कोर्ट से निकलते समय मुकेश ने उससे बात की थी और धमकी देते हुए कहा था कि इतने दिन से लड़ रहे हो कुछ हासिल नही हुआ, एक मेरा काम कर दो, मैं तुमसे अपना मुकदमा वापस ले लूंगा और जमीन भी छोड़ दूंगा. मैंने कहा क्या काम है? तो वो बोले कि कोलकाता जाओ. इसके बाद मैं उनके साथ कोलकाता गया और काम समझा.
ज्ञानेंद्र ये कहते भी सुना जा सकता है कि जितेंद्र सिंह से उसे वो गाड़ी दिलवाई थी. पूरा जिला मेरी और मुकेश सिंह की दुश्मनी को जानता है. आज जितेंद्र सिंह कह रहा है कि मैं नहीं जानता हूं तो वो गलत बोल रहा है. मुकेश सिंह के कहने पर ही जितेंद्र सिंह हमको गाड़ी दिये. फिर मुकेश सिंह के कहने पर ही मैंने गाजीपुर गाड़ी छोड़ी और वहां से गाड़ी कौन ले गया हमें नहीं पता.
मुकेश सिंह और उसके भाई संदीप सिंह मुनमुन के पास कम से कम दस सिम हैं. जब ये कोलकाता गया था तो एक छोटा फ़ोन लेकर गया लेकिन वापस आया तो कई फ़ोन थे. उसने कहा कि मुकेश और उसके भाई के मोबाइल फोन की जाँच होनी चाहिए. सारा काम इसी के कहने पर हुआ है और आज भी यह मुझे फंसाने के प्रयास कर रहा है. ये मेरा एनकाउंटर कराना चाहता है. आरोपी ने सीएम योगी और पीएम मोदी से मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की.
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