अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत तेज है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी से चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी धार्मिक स्थल पर चढ़ावे को लेकर बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि अयोध्या मामले की हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच होनी चाहिए और श्वेत पत्र जारी करना चाहिए इसके अलावा देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी आरटीआई के दायरे में लाना चाहिए.
एबीपी न्यूज से बातचीत में सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर हमारी तैयारी निरंतर जारी है और लगातार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में बातचीत भी हो रही है और यह बातचीत सकारात्मक है. लेकिन सीट को लेकर फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा लेकिन एक बात स्पष्ट है जैसा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा की सीट से ज्यादा जीत हमारे लिए मायने रखता है इसलिए कांग्रेस 100 से ज्यादा भी हो सकती है और 100 से काम भी जीतने वाला कैंडिडेट होना चाहिए. उतने जिताने वाले कैंडिडेट लाना पड़ेगा.
हमारे पास यूपी में कई मुस्लिम नेता ओवैसी जैसे- सपा
AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी की उत्तर प्रदेश में एंट्री को लेकर सांसद वीरेंद्र सिंह ने पलटवार करते हुए कहा है कि बिल्कुल वह बीजेपी की B पार्टी है. अलग-अलग जगह पर वह खुद अपनी जीत से ज्यादा भारतीय जनता पार्टी के कैंडिडेट की जीत में भूमिका निभाते हैं. ओवैसी की हैदराबाद में नहीं चलती और यह भी नहीं बताते की महाराष्ट्र और बिहार में भारतीय जनता पार्टी को कितने सीटों पर जितवा दिया. हमारे पास उत्तर प्रदेश में जो मुस्लिम समाज के नेता है वह किसी भी तरह ओवैसी से कम नहीं. हमारे पास अनेक ओवैसी जैसा नेता है. सपा सांसद जावेद अली के बयान पर वीरेंद्र सिंह ने कहा की जहां कट्टरता होगी वहां सौहार्द नहीं हो सकता और हमने बीते 12 वर्ष का यह फार्मूला बता दिया है.
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