Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अयोध्या से लेकर पूरे देश भर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस कथित चंदा चोरी के मामले में पक्ष और विपक्ष भी लगातार एक-दूसरे पर हमलावर है।
एक तरफ जहां बताया जा रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा, दोनों का इस्तीफा मंजूर हो गया है, तो वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बीच ट्विटर वॉर शुरू हो चुका है।
दरअसल, निशिकांत दुबे ने एक पोस्ट को रीट्वीट करते हुए कहा कहा कि ‘टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?।’ दरअसल, इस पोस्ट में जिक्र है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी टिन्नू यादव, अखिलेश से बात करते रहता था। निशिकांत दुबे के रीट्वीट का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने उन्हें पोस्ट डिलीट करने की धमकी तक दे डाली है।
टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक खबर चल रही कि पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि टीनू यादव, अखिलेश यादव के संपर्क में थे और प्रतिदिन एक से दो बार अखिलेश यादव से बात हो रही थी। यहां तक की गिरफ्तारी के एक दिन पहले टीनू यादव ने अखिलेश यादव से तीन बार फोन पर बात किया था। इसके बाद यह मांग उठने लगी कि वह अखिलेश यादव के संपर्क में क्यों था यह बेहद सनसनीखेज और जांच का विषय है।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे इसी मुद्दे को रीट्वीट करते हुए कहा कहा कि ‘टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?। इस रीट्वीट के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भड़क उठे और उन्होंने निशिकांत दुबे को पोस्ट डिलीट करने की धमकी दे डाली।
ट्वीट डिलीट करे वरना सालों कोर्ट के चक्कर…-अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने निशिकांत दुबे को ट्वीट डिलीट की धमकी देते उन्हें टैग करके एक्स पर लिखा ‘सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी!, जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम भाजपा के सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वो इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को डिलीट कर दें।’
पोस्ट डिलीट नहीं किए तो, रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी
अखिलेश ने आगे कहा ‘अगर पोस्ट डिलीट नहीं किए तो उनके खिलाफ तत्काल नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। साथ ही ये चेतावनी उन सबको भी है, जिन्होंने ये झूठ फैलाया है। वो भी सोशल मीडिया पर तुंरत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी मांगे या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वो याद रखें भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं, जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आयेगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे।’