बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के सर्वांगीण पुनर्वास के उद्देश्य से स्वैच्छिक संस्थाओं से अनुदान प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी पारस नाथ यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सहायता अनुदान प्राप्त करने के इच्छुक संस्थान 15 जून 2026 तक अपने प्रस्ताव जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह योजना दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत परिभाषित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं से संबंधित व्यक्तियों के लिए संचालित की जा रही है। हालांकि, मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रोगग्रस्त दिव्यांगजन इस योजना के दायरे में शामिल नहीं हैं। योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों के सर्वांगीण पुनर्वास को बढ़ावा देना है। योजना के अंतर्गत अर्ली इंटरवेंशन सेंटर, डे-केयर सेंटर एवं प्री-प्राइमरी स्कूल, प्राथमिक स्तर के विशेष विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल स्तर तक के विद्यालय, हाईस्कूल स्तर तक के विशेष विद्यालय तथा कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने वाली संस्थाओं को सहायता अनुदान प्रदान किया जाएगा। कौशल विकास कार्यक्रम में न्यूनतम दो एवं अधिकतम चार ट्रेड संचालित किए जा सकते हैं। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत पंजीकृत एवं निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले स्वैच्छिक संगठन इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना संबंधी दिशा-निर्देश और आवेदन पत्र दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने पात्र एवं इच्छुक संस्थाओं से अपील की है कि वे अपने अनुदान प्रस्ताव सभी आवश्यक अभिलेखों सहित 15 जून 2026 तक जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, बलिया कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कर दें।
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दिव्यांगजन पुनर्वास हेतु 15 जून तक प्रस्ताव आमंत्रित:21 प्रकार की दिव्यांगताओं हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को मिलेगा सरकारी अनुदान