लखनऊ हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण अलर्ट मोड में आ गया है। शहर में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या आपदा से पहले जोखिमों की पहचान करने के लिए प्राधिकरण ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू करने का फैसला किया है। सीईओ कृष्ण करुणेश ने शहर की करीब 87 हजार संपत्तियों का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। ये संपत्ति प्राधिकरण की सभी श्रेणी ग्रुप हाउसिंग, इंडस्ट्री, कामर्शियल और इंस्टीट्यूशनल है। सीईओ के आदेश के अनुसार, वर्क सर्किल और नियोजन विभाग की संयुक्त टीमें सभी आवंटित भूखंडों और भवनों का निरीक्षण करेंगी। ऑडिट के दौरान यह देखा जाएगा कि आवंटी ने जिस मानचित्र को स्वीकृत कराया था, निर्माण और उपयोग उसी के अनुरूप हो रहा है या नहीं। यदि कहीं स्वीकृत मानचित्र में बदलाव, अतिरिक्त निर्माण या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित स्थल पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। आपदा प्रबंधन के सभी मानकों पर होगी जांच
प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान केवल अग्नि सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। आपदा प्रबंधन के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, निकासी व्यवस्था, आपातकालीन पहुंच, अवैध बदलाव और अन्य संभावित जोखिमों की भी जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य किसी भी दुर्घटना के होने से पहले ही खतरे की पहचान कर उसे खत्म करना है। 700 से ज्यादा धारा-10 का नोटिस
नोएडा में नक्शे के अनुरुप निर्माण नहीं होने पर पहले भी 700 से ज्यादा आवंटियों को नोटिस जारी हो चुके है। इन सभी जांच भी दोबारा से की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार भवनों में स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण, बेसमेंट के गलत इस्तेमाल या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण बड़े हादसों की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। नोटिस फिर की जाएगी सीलिंग
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां नोटिस देने के साथ जरूरत पड़ने पर सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। संयुक्त टीमें चरणबद्ध तरीके से शहर के सभी सेक्टरों और व्यावसायिक, संस्थागत व आवासीय संपत्तियों का निरीक्षण करेंगी। क्या-क्या होगा जांच के दायरे में
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नोएडा में 87 हजार संपत्तियों का होगा सेफ्टी ऑडिट:नक्शे से छेड़छाड़ मिली तो पहले नोटिस फिर होगी सीलिंग, आपदा प्रबंधन के साथ चलेगा अभियान