मेरठ में इकलौते बेटे तुषार की बेरहमी से हत्या करने वाला सुंदर त्यागी कई साल पहले अपनी पहचान बदल चुका था। वह अपना नाम सुंदर त्यागी से विकास सुमन रख चुका था। इसी के साथ उसने अपना हुलिया भी बदल लिया था। विकास सुमन नाम के फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार कराए और फिर पिस्टल का लाइसेंस भी हासिल कर लिया। इसी लाइसेंसी पिस्टल से तुषार का कत्ल किया गया जो पुलिस ने बरामद कर ली है। पुलिस की मानें तो सुंदर त्यागी की सोच काफी पहले से ही आपराधिक बन चुकी थी। उसने सबसे पहले अपने दादा का कत्ल किया और फरार हो गया। लंबे समय तक दिल्ली में छिपकर रहा। बताया जाता है कि दिल्ली में एक राजनेता के संपर्क में आ गया। वहां उसने राजनेता की बेटी के साथ दुष्कर्म किया, जिसमें सुंदर त्यागी को जेल जाना पड़ा। देहरादून को बनाया अपना नया ठिकाना
सुंदर त्यागी लंबे समय तक तिहाड़ जेल में रहा। पैरोल पर बाहर आने के बाद उसने दिल्ली को अलविदा कह दिया और फिर देहरादून को अपना नया ठिकाना बनाया। बताया जाता है कि वहां जाते ही उसने पहले अपनी पहचान बदली। सुंदर त्यागी से नाम बदलकर विकास सुमन रख लिया और डॉक्यूमेंट्स तैयार करा लिए। मुस्लिम महिला से कर ली शादी
सुंदर ने देहरादून में रहते हुए खुद को तैयार किया और वहां एक मुस्लिम महिला से शादी कर ली। वर्तमान में वह उसी महिला के साथ रहता चला आ रहा था। उसी दौरान उसने पिस्टल का लाइसेंस तक ले लिया। वह हर वक्त अपनी लाइसेंसी पिस्टल साथ रखता था। जिसका तुषार की हत्या में भी प्रयोग हुआ। तुषार को मनाने में बिट्टू का सहयोग
कुछ समय पहले सुंदर को भनक लगी कि तुषार गांव लौट आया है और उसकी नजर प्रोपर्टी पर है। वह उस जमीन को बेचने की फिराक में है। सुंदर ने अपने पुराने परिचित अरविंद उर्फ बिट्टू त्यागी की मदद ली और तुषार के मन की बात को जाना। तुषार ने बिट्टू को बताया था कि वह जमीन बेचेगा क्योंकि वह उसकी मां के नाम पर है। देहरादून घूमने गए थे तुषार-मोना
कुछ महीने पहले सुंदर त्यागी अपने गांव दोयमी (हापुड़) आया। उसने अपने परिवार को बताया कि वह देहरादून में है। साथ ही उसने सभी को आकर घूमने का न्यौता भी दिया। तुषार, उसकी पत्नी शिखा और बहन मोना काफी समय देहरादून में रहकर भी आए लेकिन वहां पिता को दूसरी महिला संग देखकर तुषार में नफरत और बढ़ गई। हत्या के वक्त बिट्टू भी था कार में
सुंदर और अमित को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस की टीमें बिट्टू उर्फ अरविंद त्यागी को ढूंढ रहीं थी कि बुधवार को सोशल मीडिया पर एकाएक बिट्टू ने सामने आकर खलबली मचा दी। उसने 2 मिनट 53 सेकेंड का वीडियो अपलोड कर पूरा घटनाक्रम बताया। साथ ही यह भी कहा कि सुंदर से उसकी व उसके परिवार की जान को खतरा है। बिट्टू ने बताया पूरा घटनाक्रम
वायरल वीडियो में बिट्टू ने बताया कि वह राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल का हापुड़ का जिलाध्यक्ष है और तुषार त्यागी मीडिया प्रभारी था। बताया कि तुषार की हत्या संपत्ति विवाद में सुंदर त्यागी उर्फ विकास सुमन ने ही की है। बिट्टू ने बताया कि वारदात वाली रात तुषार ही उसे अपने साथ यह कहकर ले गया था कि पापा आ रहे हैं। उनसे बात करनी है। कैली पुल के नीचे सुंदर व तुषार के बीच बातचीत हुई। इसी दौरान ततारपुर के सामने स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भराया। सुंदर ने बिट्टू से कहा कि वह तुषार को समझा ले। तुषार ने उसकी हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी है। तुषार ने इस बात को स्वीकार किया। सुंदर ने पीछे से मारी तुषार को गोली
बिट्टू ने बताया कि काफी देर पिता-पुत्र के बीच गहमागहमी होती रही। फिर कैली के पास सुंदर ने तुषार से गाड़ी रुकवाई और नीचे उतरने लगा। नीचे उतरते समय अचानक सुंदर ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और तुषार को पीछे से गोली मार दीं। बिट्टू की मानें तो यहां से सुंदर उसे पिस्टल की नोक पर अपनी गाड़ी में ले गया। बाइपास पर एक जगह उतारने के बाद धमकी दी कि अगर मुंह खोला तो जैसे अपने बेटे को मारा है, तुझे व तेरे बच्चों को भी मार दूंगा। बिट्टू बोला- पुलिस की मदद करना चाहता हूं सुंदर व अमित की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को एकाएक बिट्टू उर्फ अरविंद त्यागी सोशल मीडिया पर सामने आ गया। उसने सुंदर से अपनी व अपने परिवार की जान का खतरा बताया। कहा- सुंदर यह धमकी देकर गया है कि अगर उसने पुलिस को कुछ बताया तो वह उसे नहीं छोड़ेगा। इस धमकी के बाद वह और उसका परिवार डरा है। बिट्टू ने कहा कि वह प्रशासन की हर तरह से मदद करना चाहता है। सुंदर व अमित को कोर्ट ने भेजा जेल
गिरफ्तार करने के बाद खरखौदा पुलिस ने बुधवार को सुंदर और अमित को न्यायालय में पेश किया। यहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। कड़ी सुरक्षा में सुंदर व अमित को कोर्ट से जेल तक ले जाया गया।
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पहचान छिपाकर देहरादून में रहता आ रहा था सुंदर त्यागी:विकास सुमन रखा नाम, इसी नाम से जारी कराई गई पिस्टल से तुषार को मारा