उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में दर्दनाक हादसा हो गया, जहां जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बिजली लाइन ठीक करने गए एक विद्युत कर्मी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई. आरोप है कि डीएम कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर हुई इस घटना के बाद, घायल कर्मी तड़पता रहा लेकिन, उसे अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी तक मुहैया नहीं कराई. जिससे उसकी मौत हो गई.
ख़बर के मुताबिक जिला कलेक्ट्रेट परिसर में पेड़ गिरने की वजह से बिजली बाधित हो गई थी जिसे ठीक करने के लिए बिजली कर्मी विजय राठौर गया हुआ था. काम के दौरान अचानक उसे करंट का जोरदार झटका लगा और वह सीढ़ी से नीचे आ गिरा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गिरते ही विजय बुरी तरह घायल हो गया.
डीएम दफ़्तर से थोड़ी दूरी पर हुआ हादसा
ये हादसा डीएम कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर ही हुआ. विजय के साथ मौजूद कर्मचारी ने वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से गुहार लगाई कि वे सरकारी गाड़ी से उसे तत्काल अस्पताल भिजवा दें लेकिन, काफी देर तक किसी ने उसकी सुध नहीं ली. घायल विजय अपनी जान बचाने के लिए तड़पता रहा और अंततः उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
काफी देर बाद बिजली विभाग के अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने विजय को मृत घोषित कर दिया. घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजनों और विद्युत कर्मियों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया और जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया.
बिजली विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी
इस घटना को लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है. मौके पर मौजूद चश्मदीद सुनील ने बताया कि हमने डीएम ऑफिस के सामने चीख-चीख कर मदद मांगी. हम कहते रहे कि हमारे साथी को करंट लगा है, कोई गाड़ी भेज दो लेकिन, किसी ने हमारी एक नहीं सुनी. मेरे साथी विजय ने मेरी आंखों के सामने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया.
जूनियर इंजीनियर राजकुमार ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हमने शटडाउन ले रखा था और लाइन बंद थी. लेकिन, कलेक्ट्रेट में चल रहे जनरेटर की लाइन से करंट दौड़ गया, जिससे यह हादसा हुआ. हमारा स्टाफ लगातार मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन किसी ने सहयोग नहीं किया.
वहीं पूर्व एक्सईएन आशीष यादव ने कहा कि सभी विद्युत कर्मियों को सेफ्टी किट और हेलमेट दिए गए हैं और सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई है. यह दुखद घटना कैसे घटी, इसकी जांच की जाएगी. फिलहाल हमने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है.
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्रशासन ने पीड़ित परिवार को मुआवजे का भरोसा देकर मामले को शांत कराया है. लेकिन, इस पूरे मामले में डीएम दफ़्तर के स्टाफ और अधिकारियों को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. वहीं विद्युत विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी कई तरह की बातें की जा रही हैं.
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