लगातार घटते भूजल स्तर और अपना अस्तित्व खो रहे तालाबों को बचाने के लिए फतेहपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ी और सराहनीय पहल की है. जनपद में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘मिशन 300’ अभियान की शुरुआत की गई है. इस अभियान को गति देने के लिए जिलाधिकारी (DM) निधि गुप्ता वत्स और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मैदान में उतरे और ऐरायां ब्लॉक के सिमौरी गांव में फावड़ा चलाकर तालाब खुदाई का शुभारंभ किया.
क्या है ‘मिशन 300’?
प्रशासन का यह उद्देश्य सिर्फ तालाबों की सफाई या खुदाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए वर्षा जल का संचयन बढ़ाकर भूजल स्तर में सुधार लाना है.
- लक्ष्य: प्रथम चरण में जनपद के प्रत्येक ब्लॉक में लगभग 25 तालाबों को चिह्नित कर कुल 300 तालाबों को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य तय किया गया है.
- रोजगार के अवसर: इस महाभियान में ‘जी राम जी’ योजना (ग्राम रोजगार) के मजदूरों द्वारा काम करवाया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार भी मुहैया होगा.
- भविष्य की तैयारी: इस पहल का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित करना और लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करना है.
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अतिक्रमण मुक्त होंगे तालाब
अभियान की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी मांग है.
उन्होंने कहा, “जनपद में हमने ‘मिशन 300’ नाम से एक नई पहल शुरू की है. माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी की भी यही मंशा है कि ग्राम समाज की भूमि को कब्जामुक्त कराकर उसका उपयोग जल संचयन के लिए किया जाए. पौराणिक काल से ही तालाब जल संचयन का मुख्य स्रोत रहे हैं.”
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व और विकास (Development and Revenue) विभाग का पूरा प्रयास रहेगा कि मानसून (बारिश) आने से पहले प्रत्येक ब्लॉक के 25 तालाबों को चिह्नित कर, उनका सीमांकन कर खुदाई का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि बारिश का पानी इन तालाबों में सहेजा जा सके. फतेहपुर प्रशासन की यह पहल पूरे प्रदेश में जल संरक्षण की एक बड़ी मिसाल बन रही है.
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