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बरेली के कुतुबखाना स्थित आर्य समाज गली में संचालित मशहूर प्रतिष्ठान बिलाल भाई लहंगे वालों के नाम से मशहूर है. उन्होंने लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए बताया कि बरेली की जरदोजी कला वर्षों पुरानी विरासत है. यहां के कुशल कारीगर कोरा, दबका, कटदाना, नलकी वर्क और सिकिया गोटा जैसे बारीक हस्तशिल्प से ऐसे लहंगे तैयार करते हैं. जिनकी मांग देश के बड़े शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी रहती है.
बरेली: शादियों का सीजन शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है और हर कोई अपने खास दिन के लिए बेहतरीन परिधानों की तलाश में निकल पड़ता है. ऐसे में यदि बात खूबसूरत लहंगों, शेरवानियों और शानदार हैंडवर्क की हो, तो बरेली का नाम सबसे पहले लिया जाता है. जरी-जरदोजी और कारीगरों के बारीक हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध बरेली आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक अपनी अलग पहचान बना चुका है.
बरेली के कुतुबखाना स्थित आर्य समाज गली में संचालित मशहूर प्रतिष्ठान बिलाल भाई लहंगे वालों के नाम से मशहूर है. उन्होंने लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए बताया कि बरेली की जरदोजी कला वर्षों पुरानी विरासत है. यहां के कुशल कारीगर कोरा, दबका, कटदाना, नलकी वर्क और सिकिया गोटा जैसे बारीक हस्तशिल्प से ऐसे लहंगे तैयार करते हैं. जिनकी मांग देश के बड़े शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी रहती है.
आधुनिक और पारंपरिक कारीगरी का बेहतरीन कांबिनेश
बिलाल मासूम के अनुसार वर्तमान समय में युवतियों के बीच हैंडवर्क और कंप्यूटराइज्ड डिजाइन वाले लहंगों का विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है. उनकी दुकान पर आधुनिक फैशन और पारंपरिक कारीगरी का बेहतरीन संगम देखने को मिलता है.जिससे ग्राहकों को हर बजट और पसंद के अनुसार विकल्प उपलब्ध हो जाते हैं. बिलाल भाई बताते हैं कि अक्सर लोग शादी की खरीदारी के लिए दिल्ली के चांदनी चौक, करोल बाग या लखनऊ जैसे बड़े बाजारों का रुख करते हैं. लेकिन वहां जो प्रीमियम हैंडवर्क लहंगे एक लाख रुपये या उससे अधिक कीमत में मिलते हैं.
वहीं गुणवत्ता और डिजाइन बरेली में लगभग 40 से 50 हजार रुपये की शुरुआती रेंज में उपलब्ध हो जाते हैं.यही कारण है कि दिल्ली, लखनऊ, कानपुर और अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में ग्राहक बरेली पहुंच रहे हैं. दुल्हनों के साथ-साथ दूल्हों के लिए भी यहां शानदार कलेक्शन मौजूद है.शेरवानी, इंडो-वेस्टर्न, वेस्टकोट, कुर्ता-पायजामा और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी आकर्षक परिधान उपलब्ध हैं.खास बात यह है कि यहां दूल्हा-दुल्हन का कंप्लीट मैचिंग कलेक्शन भी तैयार किया जाता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें