बरेली के पीलीभीत बाइपास के किनारे बेशकीमती भूखंड पर कब्जे को लेकर हुए गोलीकांड के दो साल बाद एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी रहे राजीव राना की पत्नी तारावती ने कोर्ट के आदेश पर इज्जतनगर थाने में 33 आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी की धाराओं में मामला दर्ज कराया है।
बारादरी के रामायण आवास निवासी तारावती ने बताया कि उनके पति राजीव राना ने पीलीभीत बाइपास पर 850 वर्गगज का भूखंड डॉ. भारती से खरीदा था। भूखंड पर आदित्य उपाध्याय उर्फ चुन्नू पंडित और उसके साथियों की नजर थी। इन लोगों ने उनके घर आकर रंगदारी मांगी और फायरिंग की थी। इसकी रिपोर्ट बारादरी थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद आदित्य उपाध्याय दुश्मनी मानने लगा। तारावती के मुताबिक, उनका देवर संजय राना 22 जून 2024 को मजदूरों को लेकर भूखंड पर काम कराने गया तो वहां पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी।
मामले में आठ नामजद, 25 आरोपी अज्ञात
वहां खड़े रोहित ठाकुर और संजय पर आदित्य उपाध्याय व उसके बेटे अभिराज ने कार चढ़ा दी। दोनों घायलों का निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। फायरिंग में संजय और कई लोग बाल-बाल बचे। इज्जतनगर पुलिस से शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर इज्जतनगर थाने में आदित्य उपाध्याय, उसके पुत्र अभिराज, साथी आकाश उपाध्याय, राजेश कुमार राना, अनुज मिश्रा, सूरज, अरुण शर्मा, रोहित शर्मा और 25 अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले आदि की गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। चूंकि घटनाक्रम पुराना है, इसलिए आईपीसी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।