लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत बनती जा रही है. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और जलभराव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. गाजियाबाद में घर के बाहर गली में भरे पानी में डूबने से 3 साल की बच्ची की मौत हो गई. वहीं बुलंदशहर में बारिश के चलते मस्जिद की दीवार गिरने से दो लोगों की जान चली गई. दूसरी ओर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भारी जलभराव के चलते सड़कें तालाब में बदल गईं और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा.
गाजियाबाद में जलभराव बना मासूम की मौत की वजह
गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर में 3 साल की मानवी अपने घर से बाहर निकली थी. गली में बारिश का पानी भरा हुआ था. आशंका है कि खेलते समय उसका पैर फिसल गया और वह पानी में गिर गई.
पानी ज्यादा होने के चलते वह बाहर नहीं निकल सकी. कुछ देर बाद बच्ची का शव पानी के ऊपर तैरता हुआ दिखाई दिया. परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
इस हादसे से नाराज लोगों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए. लोगों का कहना है कि अगर समय पर पानी निकाला गया होता तो यह हादसा टल सकता था. पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया.
बुलंदशहर में बारिश से दीवार गिरी, दो लोगों की मौत
बुलंदशहर के खुर्जा तहसील के गांव मुड़ाखेड़ा में लगातार बारिश के चलते एक मस्जिद की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई. दीवार के पास खाली प्लॉट में टेंट लगाकर दो परिवार अस्थायी रूप से रह रहे थे. हादसे के समय 6 लोग मलबे में दब गए.
स्थानीय लोगों, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने राहत अभियान चलाकर सभी को बाहर निकाला. इस हादसे में सलीम और आजिद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला और एक बच्चे समेत 4 लोग घायल हो गए. घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
नोएडा में जलभराव से थमी शहर की रफ्तार
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगातार हो रही बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार रोक दी. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने येलो अलर्ट जारी किया है. जिले में अब तक करीब 153 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है.
सबसे ज्यादा परेशानी मॉडल टाउन अंडरपास में देखने को मिली, जहां इतना पानी भर गया कि कई कारें और दोपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए. करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए हाईटेक पंप भी जलभराव रोकने में नाकाम साबित हुए.
इसके अलावा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, फिल्म सिटी मार्ग, अट्टा बाजार, सेक्टर-15, सेक्टर-61, पर्थला सिग्नेचर ब्रिज और खोड़ा कॉलोनी रोड समेत कई इलाकों में लंबा जाम लगा रहा. हालात बिगड़ने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने 28 संवेदनशील स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया है और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी सक्रिय कर दिया है.
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लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर शहरों की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है. गाजियाबाद में एक मासूम की जान चली गई, बुलंदशहर में दो लोगों की मौत हो गई और नोएडा में पूरा शहर जलभराव से जूझता नजर आया.
ऐसे में सवाल यही है कि हर साल बारिश से पहले किए जाने वाले तैयारियों के दावे आखिर जमीन पर क्यों नहीं दिखाई देते. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि इन हादसों की जिम्मेदारी तय होगी या फिर हर साल की तरह इस बार भी मामला सिर्फ जांच तक सीमित रह जाएगा.
Input By : विपिन तोमर