उत्तर प्रदेश के अयोध्या मामले में जांच कर रही एसआईटी का आज दूसरा दिन है. सूत्रों के अनुसार जमीन खरीद के गवाहों से भी जानकारी ली जा रही है. इस बीच मे श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख पक्षकारों में से एक संत धर्मदास ने एबीपी न्यूज से बातचीत में बड़े आरोप लगाए हैं.
चंपत राय पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों का काम है कि कैसे इसे वश में रखा जाए.जो भी जमीन इन लोगो ने खरीदी है वो चंपत राय जमीन भगवान के नाम से नहीं. जमीन भगवान के नाम से होनी चाहिए. 300 करोड़ की जितनी जमीन खरीदी है, सभी चंपत राय अपने नाम सेखरीदी है.
तीन-चार साल पहले ही शिकायत की गयी
धर्मदास ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि जितनी जमीन अयोध्या में खरीदी गयी है,पता लगा लीजिए कि किसके नाम से खरीदी गयी है.पता लगा लीजिए. जमीन की रजिस्ट्री में पहले भगवान का नाम होना चाहिए न कि ट्रस्ट का. भगवान का पैसा गया और जमीन ट्रस्ट के नाम होगी. अगर ट्रस्ट के मन मे बेईमानी नहीं होती तो दूसरे नंबर पर अपना नाम रखते. शिकायत तीन चार साल पहले ही की गयी, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ.
अनिल मिश्रा पर रिश्तेदारों को भरने का आरोप
अनिल मिश्रा पर आरोप लगाते हुए कहा कि अनिल मिश्र ने मंदिर में पूरा अपने रिश्तेदार को भर दिए हैं. चंपत राय कोई सामान अपने साथ ले जाने वाले नहीं,वो कागज में जितना कर दें. जमीन खरीद में बड़ा गड़बड़ घोटाला हुआ है. सैकड़ो करोड़ का घोटाला हुआ. गोपाल राव है,अनिल मिश्र,टिन्नू की गोल है ख़रीदवाते थे बेचवाते थे. गोल तो है एक आदमी मिलकर चोरी करता है.
निष्पक्ष जांच की मांग
डीएम पर आरोप लगाया और कहा कि नजूल की जमीन खरीदी गयी है,इसमें डीएम अनुज झा भी शामिल रहे. इसमे जांच का विषय है जांच कर लीजिए. एसआईटी के पास सारा सबूत आ गया होगा.अगर हमसे सहयोग मांगेंगे तब हम सहयोग करेंगे.
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