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UP Ganga Expressway News: मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे अब सिर्फ आवागमन का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के आर्थिक और शहरी विकास की नई धुरी बनने जा रहा है. एक्सप्रेसवे से जुड़े 12 जिलों में औद्योगिक गलियारों के साथ नई टाउनशिप, व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स और आधुनिक सुविधाओं के विकास की तैयारी शुरू हो गई है. सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से न केवल बड़े निवेश आकर्षित होंगे, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार, आवास और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे. ऐसे में आने वाले वर्षों में गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर का पूरा क्षेत्र एक नए विकास कॉरिडोर के रूप में उभरता दिखाई देगा.
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होंगे नए शहर और कारोबार
Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक हाईस्पीड सड़क परियोजना नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में इसके दोनों ओर नए शहरी और औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र तैयार किया जाएगा. प्रदेश सरकार एक्सप्रेसवे से जुड़े 12 जिलों में औद्योगिक गलियारों के साथ-साथ नई टाउनशिप, बिजनेस कॉम्प्लेक्स और आधुनिक सुविधाओं के विकास की योजना पर काम कर रही है.
करीब 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने की तैयारी है. औद्योगिक इकाइयों के साथ आवासीय और व्यावसायिक ढांचे विकसित किए जाएंगे. जिससे मेरठ से प्रयागराज तक का पूरा कॉरिडोर आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बन सके.
कॉलोनियां, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स होंगे विकसित
सूत्रों के अनुसार एक्सप्रेसवे से जुड़े सभी जिलों में प्रशासन को इसके आसपास उपलब्ध भूमि का सर्वे कर चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए है. उद्देश्य यह है कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यहां सुनियोजित आवासीय कॉलोनियां, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कार्यालय परिसर और अन्य शहरी सुविधाएं विकसित की जा सकें.
मेरठ में 800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र
मेरठ में औद्योगिक विकास की योजना सबसे बड़े स्तर पर प्रस्तावित है. यहां 800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. पहले चरण में विकास कार्य शुरू हो चुके है, जबकि आगामी चरणों में भी सैकड़ों हेक्टेयर भूमि पर उद्योग स्थापित किए जाने की तैयारी है. इसी तर्ज पर अन्य जिलों में भी औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की योजना लागू की जा रही है.
आधुनिक टाउनशिप विकसित होगी
यूपीडा और संबंधित विभागों का मानना है कि जब देश-विदेश की बड़ी कंपनियां इन औद्योगिक गलियारों में निवेश करेंगी तो हजारों अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों की आवासीय व दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए आधुनिक टाउनशिप विकसित करना आवश्यक होगा. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे के आसपास नियोजित शहरी विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
रोजगार, रियल एस्टेट निवेश का मौका
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके जरिए नए रोजगार, रियल एस्टेट निवेश, व्यापारिक अवसर और आधुनिक शहरी सुविधाओं का बड़ा नेटवर्क तैयार होगा. इससे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे जिलों की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें