यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार (30 जून) को अयोध्या में रामलला के दर्शन कर लिए. पुलिस ने उन्हें राम मंदिर क्रॉसिंग नंबर 2 से प्रवेश कराया. उन्होंने कहा कि सौभाग्यशाली हैं कि राम लला के दर्शन करने का मौका मिला. प्रदेश कांग्रेस चीफ ने बताया कि उन्होंने प्रार्थना की है कि जो लूट चल रही है, भ्रष्टाचार चल रहा है, चाहे वो जमीन घोटाला हो, चंदा चोरी हो. रामलला का जो पैसा खाएं हैं. भगवान इनको दंड दें.
इससे पहले आज (30 जून) दिन भर उन्हें नजरबंद कर दिया गया था. अजय राय ने एक्स पोस्ट में कहा था कि आचार्य नरेंद्र देव यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में उन्हें नजरबंद किया गया था.
बड़े लोगों को बचाया जा रहा- अजय राय
कांग्रेस नेता अजय राय ने आगे कहा, ”राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में नृपेंद्र मिश्रा, चंपत राय, बंसल, गोपाल राव, अनिल मिश्रा और गोविंद गिरी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. इनको पुलिस हिरासत में लेना चाहिए था. साफ है कि बड़े लोगों को बचाया जा रहा है. ट्रंस्ट को भंग करना चाहिए, और साधु महात्माओं से परामर्श होना चाहिए. संदेश ये ही है कि भगवान राम देख रहे हैं, उनको दंड देंगे, छोटे लोगों पर कार्रवाई हो रही है, बड़े लोगों पर कार्रवाई हो.”
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल ट्रस्ट से लेने वाला था जानकारी
बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार (30 जून) को अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, मंदिर ट्रस्ट से मुलाकात और चढ़ावा मामले की जानकारी लेने वाला था. प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर ट्रस्ट के ऑफिस के घेराव का भी ऐलान किया था.
कांग्रेस का क्या है आरोप?
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश अध्यक्ष को ‘हाउस अरेस्ट’ किया गया और उन्हें मंदिर जाने से रोका गया. पार्टी का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल में सांसद और विधायक भी शामिल होने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया. अजय राय ने ये भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और भूमि घोटालों के सवालों से बचने के लिए विपक्ष की आवाज दबा रही है.
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