Last Updated:
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग पर सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद सपा और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने प्रतिक्रिया दी है. एक मौलाना ने कहा कि इस वक्त मुसलमानों की ऐसी स्थिति है कि सही बात कहेंगे तो भी गलत तरीके से लिया जाएगा.
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग पर सीएम योगी का बड़ा बयान.
लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के मामले पर विपक्ष और सभी मौलानाओं को सीधा-सीधा जवाब दे दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि गाय के साथ जन्म जन्मांतर का रिश्ता है. गाय माता है और सदा पूजनीय है. अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश के मौलाना और विपक्ष तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा अल्पसंख्यक समुदाय को ही टारगेट करते हैं.
मौलाना-सपा नेता गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की कर रहे थे मांग
कुछ दिन पहले लगातार उत्तर प्रदेश के मौलाना और समाजवादी पार्टी के नेता यह मांग कर रहे थे की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए. इन मौलाना और नेताओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि गाय अघोषित राष्ट्रीय पशु है. दरअसल, उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को जमीन आवंटित करने गए थे। इस मौके पर मौलानाओं और विपक्ष के नेताओं को आड़े हाथों लिया और कहा कि क्या कोई संतान अपनी मां के साथ रिश्ते की घोषणा करता है क्या इसकी आवश्यकता पड़ती है.
सीएम योगी के बयान पर विपक्ष का तीखा जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद विपक्षी नेता और मौलाना तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. विपक्षी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यही स्टाइल है और वह हमेशा से अल्पसंख्यक समुदाय को निशाने पर लेते हैं. वैसे उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को 1 साल से भी कम बचे हैं. ऐसे में सभी पार्टियां ग्राउंड जीरो पर है और लगातार जनता के बीच काम कर रहे हैं. सभी राजनीतिक पार्टियों को मालूम है कि मोदी और योगी का कॉन्बिनेशन इन पर हमेशा से भारी पड़ता है.
मांग पर सीएम योगी को ऐतराज क्यों- मौलाना नाजिम
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गौ माता को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना नाज़िम ने कहा कि उन्हें इस बात पर ताज्जुब है कि मुस्लिम धर्मगुरुओं और मौलानाओं द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग पर मुख्यमंत्री को ऐतराज क्यों है. मौलाना नाज़िम ने कहा कि अगर मुस्लिम धर्मगुरु गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं तो मुख्यमंत्री को इस पर खुशी जतानी चाहिए थी.
‘मुस्लिमों की ऐसी हालत की अच्छा कहें तो भी गलत…’
उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और लोकसभा में सरकार के पास पर्याप्त बहुमत भी है. ऐसे में यदि सरकार वास्तव में गाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाना चाहती है तो गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने संबंधी एक विधेयक भी संसद से पारित करा सकती है. उन्होंने कहा, “लोकसभा में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए हैं, तो एक विधेयक गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए भी पारित करा दीजिए. इससे सरकार की मंशा और गंभीरता दोनों स्पष्ट हो जाएंगी.” मौलाना नाज़िम ने कहा कि मुस्लिमों की स्थिति ऐसी हो गई है कि वे गाय के बारे में अच्छा कहें तो भी उसे गलत तरीके से लिया जाता है और अगर कुछ न कहें तो भी सवाल उठाए जाते हैं.
AIMIM ने भी रखी अपनी मांग
उन्होंने कहा, “मुस्लिम धर्मगुरु और मौलाना दिल से चाहते हैं कि गाय के संरक्षण और सम्मान के लिए कानून बनाया जाए. यदि सरकार इस विषय को लेकर गंभीर है तो केवल बयान देने के बजाय कानूनी पहल करनी चाहिए.” उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सरकार को ठोस निर्णय लेकर अपनी मंशा साबित करनी चाहिए. एआएमआईएम के उत्तर प्रदेश सेंट्रल के अध्यक्ष नेता शेख ताहिर सिद्दीकी ने सीएम योगी आदित्यनाथ के गाय पर दिए गए बयान पर कहा कि यदि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने में कोई समस्या तो राष्ट्रीय जीव घोषित कर दीजिए.
About the Author

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें