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Ram Mandir Daan Chori Update: अयोध्या के राम मंदिर दान गबन मामले में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की 13 घंटे की पुलिस रिमांड के दौरान बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस ने अविनाश की निशानदेही पर उसके पैतृक आवास से चोरी के चंदे से खरीदी गई एक सेकंड हैंड ब्रेजा कार (UP 42 AP 6054) बरामद की है, जो उसके शिक्षक भाई अभिषेक के नाम पर रजिस्टर्ड है. इस कार के अंदर से निवेश के कई डॉक्यूमेंट मिले और मोबाइल से अहम चैट्स मिले हैं. जल्द ही कई अन्य लोगों पर गाज गिर सकती है.
राम मंदिर चंदा चोरी करने के बाद कार खरीदने वाले अविनाश शुक्ला के पास से पुलिस को आज क्या-क्या मिला?
अयोध्या: राम जन्मभूमि दान चोरी मामले में शुक्रवार को पुलिस को कई सुराग मिले. आरोपी अविनाश शुक्ला 13 घंटे तक पुलिस कस्टडी में था. उसने पुलिस की सख्ती से पूछताछ में कई राज खोले. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी के पैसों से खरीदी गई एक लग्जरी कार बरामद की है. कार के अंदर से कई अहम सुराग और निवेश (Investment) के दस्तावेज मिले हैं.
रिमांड के दौरान अयोध्या पुलिस ने अविनाश शुक्ला को उसके आवास के साथ-साथ उन सभी अहम ठिकानों पर ले जाकर छापेमारी की, जहां वह चंदे का पैसा बांटता और छिपाता था. पुलिस ने अविनाश के पैतृक आवास पर छापा मारकर एक सेकंड हैंड मारुति ब्रेजा (Brezza) कार बरामद की है. इस ग्रे रंग की कार का नंबर UP 42 AP 6054 है, जो अयोध्या के ही आरटीओ (RTO) में रजिस्टर्ड है. चौंकाने वाली बात यह है कि दान चोरी के काले पैसों से खरीदी गई यह कार अविनाश ने खुद को बचाने के लिए अपने शिक्षक भाई अभिषेक के नाम पर पंजीकृत करा रखी थी.
कार और मोबाइल चैट से मिले सनसनीखेज सबूत
पुलिस के लिए यह ब्रेजा कार किसी खजाने से कम साबित नहीं हुई है. पुलिस द्वारा ली गई तलाशी के दौरान कार के अंदर से निवेश से जुड़े कई अहम प्रपत्र (दस्तावेज) बरामद हुए हैं. इससे इस बात की पुष्टि होती है कि रामलला के दरबार से चोरी की गई मोटी रकम को रियल एस्टेट या अन्य प्रोपर्टी में इन्वेस्ट किया जा रहा था. इसके अलावा, पुलिस के हाथ अविनाश के मोबाइल की कुछ बेहद अहम व्हाट्सएप चैट्स भी लगी हैं. इन मोबाइल चैट्स से यह साफ हो गया है कि इस गबन के खेल में वह अकेला नहीं था, बल्कि बैंक और आउटसोर्सिंग से जुड़े कई अन्य लोग भी इसमें भागीदार थे.
13 घंटे से पहले पूरी हुई रिमांड, दोबारा होगी पूछताछ
बता दें कि पुलिस को अदालत से अविनाश शुक्ला की 13 घंटे की रिमांड मिली थी, लेकिन जरूरी सुराग और बरामदगी हो जाने के कारण पुलिस टीम समय से पहले ही उसे वापस जेल लेकर पहुंच गई. गौरतलब है कि इससे पहले भी पुलिस ने इसी आरोपी अविनाश के पास से करीब 20 लाख रुपये नकद रिकवर किए थे और लाखों रुपये की ज्वेलरी का भी सुराग लगाया था.
कई और चेहरों पर गिरेगी पुलिस की गाज
सूत्रों के हवाले से मिल रही बड़ी खबर के अनुसार, पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है. मोबाइल चैट्स और निवेश के दस्तावेजों से मिले सुरागों की कड़ियों को जोड़ने के लिए अयोध्या पुलिस जल्द ही अविनाश शुक्ला को दोबारा रिमांड पर लेने की अर्जी लगा सकती है. माना जा रहा है कि अविनाश की निशानदेही और मोबाइल चैट्स के आधार पर आने वाले दिनों में राम मंदिर के दान की गिनती से जुड़े कुछ अन्य कर्मचारियों और सहयोगियों पर भी पुलिस की गाज गिरना तय है.
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