राम मंदिर चढ़ावा चोरी की घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की पहली बैठक सोमवार को होगी। बैठक में सबसे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला होगा। सूत्र बताते हैं कि ट्रस्ट के पदों से दोनों की विदाई तय है। बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जाएंगे, क्योंकि दोनों पदाधिकारियों पर मामले में बेहद गंभीर आरोप लगे हैं।
छह जून को मामला उजागर हुआ था। हालांकि, इसके पहले ही ट्रस्ट के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी हो चुकी थी। पदाधिकारी गुपचुप तरीके से संदिग्धों को पकड़कर रकम बरामद करने में जुटे थे। ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। 25 जून को एफआईआर दर्ज हुई और आठ आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। गणना से लेकर मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा की रहती थी, इसलिए ये दोनों शुरू से ही सवालों के घेरे में थे। उन पर लगातार गंभीर आरोप लग रहे हैं। लिहाजा, 26 जून को दोनों ने इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने 27 जून को इस्तीफे की पुष्टि की थी।
सोमवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक का पहला एजेंडा दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे पर विचार करना शामिल है। सूत्र बताते हैं कि संघ से लेकर विश्व हिंदू परिषद और केंद्रीय नेतृत्व तक का यही निर्देश है कि इस्तीफा स्वीकार किया जाए। उसके पीछे की वजह यह है कि मामले में ट्रस्ट की छवि काफी धूमिल हुई है। एक के बाद एक तमाम आरोप अभी भी लग रहे हैं। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी हाल में दिए गए एक इंटरव्यू में जो बयान दिया है, उससे भी पूरी संभावना यही है कि इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा।