इसके लिए उनको काफी समय भी मिला था। क्योंकि मामले का खुलासा छह जून को हुआ था और छह दिनों तक ट्रस्ट के पदाधिकारी ही जांच पड़ताल करते रहे थे। इस दौरान आरोपी किसी तरह से बचने की फिराक में लगे थे। अब पुलिस पूरे सुबूत जुटा रही है। ये सभी तथ्य एसआईटी की भी जांच में आए हैं। जिनको पुलिस ने अपनी विवेचना में शामिल किया है।
आरोपियों से जुड़े 30 से अधिक लोग रडार पर
टिन्नू एंड गैंग ने मंदिर में पूरा जाल फैला रखा था। जो चाहते थे वही करते थे। कोई भी रोकने टोकने वाला नहीं था। उनके संपर्क के करीब तीस लोग पुलिस की रडार पर हैं। सभी की भूमिका की जांच की जा रही है।



