आजमगढ़ दौरे पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार पर बड़ा जुबानी हमला बोला है. अखिलेश यादव ने राम मंदिर में कथित चंदा चोरी, भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, कानून व्यवस्था, चुनावी प्रक्रिया और विकास कार्यों सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरा है.
अखिलेश यादव ने चुनावी मुद्दों पर बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार “वन नेशन, वन इलेक्शन” की बात करती है, लेकिन समय पर प्रधानी चुनाव तक नहीं करा पा रही है. सवाल उठाया कि यदि सरकार एक साथ चुनाव कराने की बात करती है तो स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में देरी क्यों हो रही है.
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बीजेपी की जीत से लोकतंत्र पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल
अखिलेश यादव ने बीजेपी की चुनावी जीतों पर कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में जीत दर्ज की है, जो लोकतंत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह किसी को डरा नहीं रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए चेतावनी दे रहे हैं कि यदि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया तो भविष्य में लोगों के मतदान के अधिकार पर भी असर पड़ सकता है.
समाजवादी पार्टी लड़ रही प्रदेश में बदलाव की लड़ाई
अखिलेश यादव ने कहा कि ‘अगर 2027 में भाजपा चुनाव जीतती है तो वह चुनाव उत्तर प्रदेश का आखिरी चुनाव होगा. इसके बाद उत्तर प्रदेश में कोई चुनाव नहीं होगा, आप लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे.’ सपा चीफ ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रदेश में बदलाव की लड़ाई लड़ रही है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को जवाब देगी.
उन्होंने दावा किया कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो आजमगढ़ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में विकास की गति तेज होगी, किसानों को बेहतर सुविधाएं और लाभ मिलेगा, सड़कों और हाईवे का निर्माण विश्वस्तरीय स्तर पर कराया जाएगा तथा रोजगार के नए अवसर पैदा किये जाएंगे.
उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के बड़ी संख्या में लोग देश-विदेश के विभिन्न शहरों में रोजगार और कारोबार करते हैं. बाहर रहने वाले लोग अच्छी तरह समझते हैं कि विकसित क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के बीच कितना अंतर है. समाजवादी पार्टी उस अंतर को समाप्त कर प्रदेश को विकास के नए रास्ते पर ले जाने का काम करेगी.
ओम प्रकाश राजभ का कंट्रोल कोई करता है-अखिलेश
ओमप्रकाश राजभर के सपा में बगावत के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर का कंट्रोल कोई और करता है, भाजपा जानती है कब किसकी बारगेनिंग पावर खत्म करनी है. इसके अलावा 2027 के चुनाव में ओवैसी के साथ चुनाव लड़ने की बात पर अखिलेश यादव ने बात को टालते हुए कहा कि पीडीए में जो लोग शामिल हैं, वह सब मिलकर के चुनाव लड़ेंगे.
सीएम योगी के अयोध्या दौरे पर तंज
अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में सबसे अधिक दौरे कर रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन उनका सूचना तंत्र इतना कमजोर है कि उन्हें राम मंदिर में हुए कथित चंदा और दान सामग्री की चोरी की जानकारी तक नहीं मिल सकी. प्रदेश सरकार खुद इस बात को स्वीकार कर रही है कि सीसीटीवी से छेड़खानी हुई है. अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे थे कि दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा, हम तो कह रहे हैं सोने का सोना चांदी का चांदी हो जाए.
‘सरकार जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में असफल’
उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर जैसी महत्वपूर्ण जगह पर यह स्थिति है तो प्रदेश के तहसीलों, थानों और अस्पतालों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है. अस्पतालों में मरीजों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं, थानों और तहसीलों में लोगों को न्याय पाने के लिए भटकना पड़ रहा है. सरकार जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल साबित हुई है और इसका जवाब उसे जनता को देना होगा.
अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर में लोगों ने श्रद्धा से सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात और अन्य कीमती वस्तुएं दान की थीं. उन दान सामग्रियों के गायब होने का मामला केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि पूरी व्यवस्था से जुड़ा हुआ विषय है. उन्होंने कहा कि सरकार को मजबूर होकर एसआईटी का गठन करना पड़ा, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि जांच रिपोर्ट किसे सौंपी गई.
चंदा चोरी मामले में केवल छोटे लोगों पर की गई कार्रवाई- अखिलेश
आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल छोटे लोगों पर की गई है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंची है. उन्होंने कहा कि पूरे देश और दुनिया में सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाओं को इस प्रकरण से ठेस पहुंची है. प्रभु श्रीराम ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेंगे, जिन्होंने श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है.