UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन का एक मामला सामने आया है। यहां एक युवक और एक महिला ने विश्व हिंदू रक्षा परिषद की मदद से सनातन धर्म में घर वापसी की। इसके बाद हमजा अली का नाम बदलकर हेमंत सिंह और शबनम बानो का नाम संजना रखा गया है।
जानकारी के मुताबिक, गोमतीनगर स्थित कार्यालय में परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने दोनों से हवन-पूजन करवाकर शुद्धीकरण कराया। राय का कहना है कि फिलहाल गोंडा के युवक और बाराबंकी की एक महिला की घर वापसी कराई गई है। दो लव जिहाद की पीड़िताओं ने मुलाकात की है। उन्होंने परिषद की हेल्पलाइन में मदद मांगी थी।
मेरी हिंदू धर्म के प्रति आस्था- हेमंत सिंह
गोंडा के युवक ने कहा, ‘पूर्व में मेरा नाम हमला अली था, जो अब हेमंत सिंह हो गया है। हमारे पूर्वज हिंदू और सनातनी थे, लेकिन मुगलों ने आकर सब गड्ड-मड्ड करवा दिया। मेरी शुरू से ही हिंदू धर्म के प्रति आस्था रही है। मेरे परिवार वाले मानें या नहीं, लेकिन मैं मान रहा हूं।’ उन्होंने अपने पिता का नाम हामिद अली राइनी और मां का नाम उमा अंजुम राइनी बताया।
‘न कभी मदरसे गया, न कुरान पढ़ा और न ही रोजा रखा’
उन्होंने कहा कि घर वापसी के लिए निकलते समय परिवार ने मुझे कई दफा समझाने की कोशिश की थी। लेकिन मैं बालिग हूं और अपने फैसले ले सकता हूं। इस कारण मैं घर वापसी के लिए आ गया। युवक का कहना है कि उसने 5-6 सालों से नमाज पढ़ना छोड़ रखा है। केवल कभी-कभी जुमे की नमाज पढ़ लिया करता था। उनके मुताबिक, वह न कभी मदरसे गया, न कुरान पढ़ा और न ही रोजा रखा। उन्होंने कहा कि उनकी ख्वाहिश है कि उनका परिवार भी घर वापसी करे।
वहीं बाराबंकी की महिला ने कहा, ‘मैं घर वापसी के बाद शबनम से संजना बन गई हूं। मैं बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर रही हूं। इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म स्वीकार रही हूं। मेरी हिंदू धर्म पर बचपन से ही आस्था है। मैं पूजा-पाठ करती हूं और आगे भी करती रहूंगी।’ महिला ने कहा कि उन्होंने कभी कुरान नहीं पढ़ी, न ही इस्लाम से जुड़ी चीजों को माना।