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अयोध्या राम मंदिर दान चोरी: अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले से सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी गठित की गई है. SIT ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में कुछ अहम सिफारिशें की हैं.
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है. (फाइल फोटो/Reuters)
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी: अयोध्या राम मंदिर चोरी मामले की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंप दी है. सूत्रों के अनुसार, SIT ने इस प्रारंभिक रिपोर्ट में कई अहम सिफारिशें की हैं. SIT की शुरुआती रिपोर्ट में राम मंदिर में चढ़ावे के तौर पर किए गए दान का वीकली ऑडिट कराने की सिफारिश की गई है. बता दें कि राम मंदिर से कथित तौर पर दान में दी गई करोड़ों की राशि और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की कथित चोरी का मामला सामने आया है. मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित की है.
SIT की शुरुआती रिपोर्ट में की गईं सिफारिशें इस प्रकार हैं -:
- जिम्मेदारों के अयोध्या छोड़ने पर रोक.
- राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए और सभी सदस्यों की समान रूप से जिम्मेदारी तय की जाए.
- मंदिर ट्रस्ट में किसी प्रशासनिक अधिकारी को CEO के रूप में नियुक्त किया जाए.
- विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल को और समय दिया जाए.
- मंदिर के प्रबंधन के लिए पेशेवर तरीका अपनाने की सलाह.
- दानराशि की गणना का साप्ताहिक ऑडिट किया जाए.
- मंदिर में प्रतिदिन चढ़ावा में आने वाली नकदी की एंट्री कराई जाए.
- ट्रस्ट संचालन के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाए.
- सीसीटीवी कैमरों का डाटा स्टोरेज 45 दिन से बढ़ा कर 180 दिन तक किया जाए.
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई आज
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी. राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के आरोप से जुड़े मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में जनहित याचिका दाखिल की गई है. याचिका में मामले की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से कराने की मांग की गई है. इससे पहले 19 जून को समय की कमी के कारण अदालत इसपर सुनवाई नहीं कर सकी थी और अब इस पर 22 जून 2026 को सुनवाई हो सकती है.
बीजेपी का सपा पर हमला
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा, ‘समाजवादी पार्टी ने हमेशा हिंदू देवी-देवताओं, मठों, मंदिरों और सनातन का अपमान किया है. सब जानते हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकार में कैसे निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां चलाई गईं और समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने लगातार भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण को रोकने की कोशिश की. उन्हें मंदिर और उसमें लोगों की आस्था पच नहीं रही, इसलिए वे बेवजह आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने कभी दरगाहों और मस्जिदों के चंदे की बात नहीं की वे आज किस मुंह से राम मंदिर के चंदे की बात कर रहे हैं? मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लिया है, SIT जांच कर रही है.’
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें