Last Updated:
Lakhimpur Kheri News : खरीफ सीजन में दलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए कृषि विभाग तगड़ी स्कीम लेकर आया है. इस योजना का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, दलहन उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आमदनी में इजाफा करना है. इसके तहत पात्र किसानों को मुफ्त मिनी किट दी जाएगी, जबकि प्रमाणित बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे. लखीमपुर खीरी के जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि खरीफ सीजन के लिए जनपद को 80 कुंतल उड़द, 12 कुंतल मूंग और 68 कुंतल अरहर का प्रमाणित बीज सरकार की ओर से मिला है.
लखीमपुर खीरी. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में खरीफ सीजन के दौरान दलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए कृषि विभाग ने विशेष पहल शुरू की है. विभाग किसानों को मूंग, उड़द और अरहर की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. इसके तहत पात्र किसानों को मुफ्त मिनी किट दी जाएगी, जबकि प्रमाणित बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे. योजना का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, दलहन उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आमदनी में इजाफा करना है. ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसान महंगे बीज खरीदने में असमर्थ रहते हैं. ऐसे में किसान अक्सर दलहनी फसलों की खेती से दूरी बना लेते हैं, जिससे उनकी आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर छूट जाता है. कृषि विभाग कि ओर से सरकार की इस योजना से छोटे और सीमांत किसानों को राहत मिलेगी.
दर्शन-1 पोर्टल पर करें आवेदन
लखीमपुर खीरी के जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि खरीफ सीजन के लिए जनपद को करीब 80 कुंतल उड़द, 12 कुंतल मूंग और 68 कुंतल अरहर का प्रमाणित बीज प्राप्त हुआ है. इन बीजों का वितरण विभागीय मानकों के अनुसार किया जाएगा. चयनित किसानों को निशुल्क मिनी किट भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक किसान दलहनी फसलों की खेती अपनाएं. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के लिए किसानों को कृषि विभाग के दर्शन-1 पोर्टल (agriculture.up.gov.in) पर जाकर आवेदन करना होगा. बिना बुकिंग के किसान को बीज नहीं मिलेगा, इसलिए समय रहते प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है.
तब बीजों का वितरण लॉटरी से
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अगर लक्ष्य से अधिक किसान आवेदन करते हैं तो इस प्रक्रिया में बीजों का वितरण लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मूंग, उड़द और अरहर जैसी दलहनी फसलें किसानों को बेहतर मुनाफा देने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी भूमिका निभाती हैं. ऐसे में यह योजना किसानों की आय बढ़ाने के साथ प्रदेश में दलहन उत्पादन को मजबूत करने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारेगी.
About the Author
प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें