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Ayodhya Ram Mandir Daan Chori: अयोध्या राम मंंदिर चंदा चोरी मामले का खुलासा होने के बाद अब ट्रस्ट ने मंदिर के अंदर रोस्टर सिस्टम लागू किया है. इस व्यवस्था का उद्देश्य पूजा-अर्चना की नियमितता बनाए रखने के साथ-साथ प्रशासनिक निगरानी को और मजबूत करना बताया जा रहा है.
अयोध्या: राम मंदिर में सामने आए कथित दान गबन मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है. मिली जानकारी के अनुसार, अब राम मंदिर परिसर में सेवा देने वाले पुजारियों के लिए रोस्टर सिस्टम लागू कर दिया गया है. इसके तहत प्रत्येक पुजारी की ड्यूटी हर 15 दिन में बदली जाएगी. सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर परिसर में स्थित सभी मंदिरों में अब पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुसार पुजारियों की तैनाती होगी.
इस व्यवस्था का उद्देश्य पूजा-अर्चना की नियमितता बनाए रखने के साथ-साथ प्रशासनिक निगरानी को और मजबूत करना बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर परिसर में कुल 18 मंदिर हैं और प्रत्येक मंदिर में दो-दो पुजारी सेवा दे रहे हैं. वर्तमान में लगभग 35 पुजारी विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना, आरती और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी पुजारियों की ड्यूटी निर्धारित अंतराल पर बदलती रहेगी.
रोस्टक सिस्टम से सुधरेगी व्यवस्था
बताया जा रहा है कि पहले कई पुजारी लंबे समय तक एक ही स्थान पर सेवा देते थे, लेकिन अब रोस्टर प्रणाली के तहत उन्हें अलग-अलग मंदिरों में क्रमवार जिम्मेदारी दी जाएगी. इससे व्यवस्थाओं में संतुलन बनेगा और सभी पुजारियों को समान रूप से सेवा का अवसर मिलेगा. राम मंदिर में दान गबन मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है. इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया है, ताकि मंदिर की कार्यप्रणाली को और अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके.
हालांकि ट्रस्ट की ओर से इस बदलाव को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किया गया है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय प्रशासनिक स्तर पर लिया गया है. धार्मिक जानकारों का मानना है कि रोस्टर सिस्टम लागू होने से पूजा-पद्धति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. श्रद्धालुओं को पहले की तरह नियमित दर्शन और पूजा-अर्चना की सुविधा मिलती रहेगी. बदलाव केवल पुजारियों की ड्यूटी व्यवस्था में किया गया है, जिससे संचालन अधिक प्रभावी बनाया जा सके.
ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में बदलाव
बता दें कि दान गबन मामले की जांच अभी भी जारी है और संबंधित एजेंसियां पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रही हैं. इसी बीच ट्रस्ट की ओर से मंदिर की व्यवस्थाओं में किए जा रहे बदलावों को प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि भविष्य में भी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं. फिलहाल नई रोस्टर व्यवस्था के तहत सभी पुजारी निर्धारित समय के अनुसार अलग-अलग मंदिरों में अपनी सेवाएं देंगे, जबकि श्रद्धालुओं के दर्शन, पूजा-अर्चना और मंदिर की दैनिक धार्मिक गतिविधियां पूर्ववत जारी रहेंगी.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें