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Agra Power Crisis: ताजनगरी आगरा में भीषण गर्मी और उमस की दस्तक के साथ ही बिजली संकट ने विकराल रूप ले लिया है. लगातार बढ़ रहे लोड के कारण कूलर और एसी तक हांफने लगे हैं, वहीं बिजली कंपनियों की अघोषित कटौती ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है. दिन हो या आधी रात, कई-कई घंटों के पावर कट और ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाओं से त्रस्त आगरा की जनता अब सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक अपना दर्द बयां कर रही है.
Agra Power Crisis: उत्तर प्रदेश के आगरा में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है. बारिश के कारण उमस पैदा हो चुकी है, ऐसे में चिपचिपी गर्मी शुरू हो चुकी है. कूलर और एसी फेल होने की कगार पर हैं, ऐसे में आगरा के लोगों के सामने एक समस्या बहुत अधिक बढ़ गई है. गर्मियों में पावर कट अधिक हो गया है. अधिक लोड पड़ने से बिजली कंपनियां बिजली कटौती करने लगी हैं. कई बार अधिक लोड होने से ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं. कई-कई घंटे बिजली गुल होने से लोगों के पसीने छूट जाते हैं.
‘न खाना खा पाते हैं, न सो पाते हैं’
आगरा के लोगों ने कहा कि कई बार तो आधी रात में बिजली काट दी जाती है, फिर 2-3 घंटे बाद आती है. ऐसे में बच्चे और बुजुर्ग सब परेशान हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब काम करके घर लौटे और खाना खाने बैठने पर बिजली चली जाती है. ऐसे में न खाना खाया जाता है और न नींद आ पाती है. अगले दिन फिर काम पर जाना होता है, इतनी समस्या हो गई है कि बहुत दिक्कत होती है. लोगों ने कहा कि ऐसे में कम से कम रात को बिजली कटौती कंपनी को नहीं करनी चाहिए.
पसीने से तर-बतर जनता, बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
आगरा के निवासी अभिषेक ने बताया कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे ही बिजली कटौती भी बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि दिन हो या रात, 2 से 3 घंटे की बिजली कटौती हो रही है. ऐसे में इतनी समस्या हो जाती है कि पूरा शरीर पसीने में नहा जाता है. अभिषेक ने कहा कि बिजली चले जाने से छोटे बच्चों को सबसे अधिक समस्या होती है, वे रोते हैं और चिड़चिड़ाते हैं, ऐसे में काफी दिक्कतें होती हैं.
दोपहर और रात को बिजली जाने पर सबसे अधिक परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि बिजली कटौती कम की जाए और कम से कम दोपहर और रात को तो बिल्कुल नहीं की जाए, जिससे इंसान कम से कम रात को सोकर अपनी थकान मिटा सके और अगले दिन काम पर जा सके.
थके-हारे घर लौटने पर मिलती है सिर्फ ‘अंधेरी रात’
आगरा निवासी दीपक कुमार ने बताया कि कई बार ऐसा होता है कि पूरे दिन काम करके घर पहुंचे तो पता लगा कि बिजली है ही नहीं, ऐसे में बहुत दिक्कत होती है. उन्होंने कहा कि कई बार होता है कि दिनभर के थके-हारे रात को खाना खाने बैठे और बिजली चली गई, ऐसे में खाना तक नहीं खाया जाता है और फिर बिजली 2-3 घंटे में आती है, न खाना खा पाए और न ही नींद पूरी हो पाती है.
आगरा निवासी शैलेंद्र ने बताया कि बिजली कटौती की समस्या अब कुछ दिनों से ज्यादा ही बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि दोपहर में लाइट चली जाती है, पूरा पसीना ही पसीना हो जाता है, ऐसे में काम तक नहीं किया जा पा रहा है. पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में बिजली कटौती बढ़ गई है, इस पर ध्यान दिया जाए और कम से कम बिजली कटौती की जाए.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें