यूपी के बस्ती जनपद में करोड़ों की लागत से बन रही इथेनॉल फैक्ट्री को लेकर राजनीति गरमा गई है, ग्रामीणों ने फैक्ट्री का विरोध शुरू कर दिया है, वहीं, समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ-साथ बीजेपी के स्थानीय नेता ने भी इथेनॉल का विरोध किया. बीजेपी विधायक अजय सिंह ने भरी मीटिंग में फैक्ट्री लगने का समर्थन किया, जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने फैक्ट्री के नुकसान बताकर उसे तत्काल बंद करने की वकालत की. इस पर सपा नेताओं ने भी उनका समर्थन किया.
दरअसल, भानपुर तहसील के ग्राम दसिया थाना रुधौली में निर्माणाधीन अनीता डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड का इथेनॉल प्लांट अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का केंद्र बन गया है. इस मामले में उस वक्त बड़ा मोड़ आ गया, जब एक तरफ कंपनी प्रबंधन ने प्रेस वार्ता कर प्लांट को पर्यावरण अनुकूल और रोजगार परक साबित करने की पुरजोर कोशिश की. वहीं, दूसरी तरफ आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की.
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कंपनी प्रबंधन ने कहा- फैलाई जा रहीं भ्रांतियां
कंपनी प्रबंधन का कहना है कि पूरी परियोजना को पर्यावरण अनुकूल और रोजगार परक के तहत लाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर ग्रामीणों का आक्रोश और पर्यावरण को लेकर फैलाई जा रही भ्रांति पर हो रहे विरोध प्रदर्शन ने काफी बाधा उत्पन्न कर दिया है, फैक्ट्री ने केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए सभी नियम को पूरा करने के बाद ही फैक्ट्री का संचालन किया जाएगा, मगर कुछ लोग इसकी आड़ में राजनीति की रोटी सेंक रहे और बिना सही तथ्यों को जाने ही वे अनर्गल आरोप लगा रहे.
प्लांट का काम 75 फीसदी हो चुका है पूरा
कंपनी के निदेशक रोहन जायसवाल ने दावा किया है कि प्लांट का 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है और अक्टूबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है. कंपनी का कहना है कि वे जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (अशोधित पानी बाहर न भेजने) की तकनीक पर काम कर रहे हैं और सभी एनओसी उनके पास हैं.
स्थानीय ग्रामीणों ने लगाया यह आरोप
वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी के अत्याधुनिक तकनीक के दावों और ग्रामीणों के अस्तित्व के संकट के बीच अब सीधे टकराव है. 200 मीटर की दूरी पर स्थित सरकारी स्कूलों के बच्चों का भविष्य और 15 गांवों के किसानों का पानी दांव पर लगा है. जिला प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर जांच शुरू कर दिया है, विकास के नाम पर फैक्ट्री का काम जारी रहेगा या ग्रामीणों की सांसों और पानी की लड़ाई इस प्रोजेक्ट की रफ्तार थाम देगी? ये तो आने वाला समय बताएगा.
विकास के नाम पर विनाश स्वीकार नहीं- राम प्रसाद चौधरी
बस्ती से समाजवादी पार्टी के सांसद राम प्रसाद चौधरी ने कहा कि विकास के नाम पर विनाश को स्वीकार नहीं किया जा सकता. यदि 15 गांवों की जनता, किसान और स्कूली बच्चे इस प्लांट के प्रदूषण और पानी के संकट से प्रभावित हो रहे हैं, तो उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता. संसद से लेकर सड़क तक किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी और प्रशासन को इस पर दोबारा विचार करना होगा.
सपा विधायक कविंद्र चौधरी ने कहा कि यह सीधे तौर पर स्थानीय जनता की अनदेखी का मामला है. ग्रामीणों का आरोप सही है कि उनकी वास्तविक सुनवाई नहीं हुई. दो सौ मीटर पर स्कूल और पास में घनी आबादी होना बेहद चिंताजनक है. हम सदन से लेकर धरातल तक ग्रामीणों के साथ खड़े हैं और इस जनविरोधी परियोजना का पुरजोर विरोध करेंगे.
बीजेपी जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी किया विरोध
वहीं, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि भले ही कंपनी जिला पंचायत से अनुमति मिलने का दावा कर रही हो, लेकिन यदि धरातल पर प्रदूषण नियंत्रण के मानकों की अनदेखी पाई गई या ग्रामीणों-किसानों के हितों को नुकसान पहुंचा, तो इस पर सख्त रुख अपनाया जाएगा. विकास जरूरी है, लेकिन जनता की सांसों और पानी की कीमत पर नहीं. मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च स्तर पर बात की जाएगी.
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