उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में गुरूवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गभाना थाना क्षेत्र में जीटी रोड पर मैनपुरी से दिल्ली जा रही बस में एक सिक्यूरिटी गार्ड अपनी ही बंदूक चलने से घायल हो गया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जैसे ही घायल को उतारने की कोशिश की,उसी बंदूक से एक और गोली चल गयी, जिसमें एक यात्री राजन और सिपाही रविन्द्र गंभीर रूप से घायल हो गए.
तीनों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां सिक्यूरिटी गार्ड की मौत हो गयी, जबकि यात्री व सिपाही का इलाज चल रहा है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेज जांच शुरू कर दी है. मृतक गाजियाबाद में प्राइवेट सिक्यूरिटी गार्ड की नौकरी करता था. बस में गोली चलने से बाकी यात्रियों में दहशत भर गयी.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, रोडबेज बस मैनपुर से दिल्ली जा रही थी. बस में कासगंज निवासी सिक्यूरिटी गार्ड विनोद यादव अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर सवार थे. रास्ते में अचानक बस के फर्श पर बंदूक टकराने से धक्का लगा और उससे गोली चल गयी, जो गार्ड के सीने में जा लगी. इस सूचना पर पुलिस ने जब बंदूक को गार्ड से अलग करने की कोशिश की तो एक और फायर हो गया. जिसमें सिपाही रविन्द्र और एक यात्री राजन के पैर में गोली लगने से घायल हो गए. इसके बाद मौके पर आर्म मोहरिर्र को बुलाकर असलाह और कारतूस अलग किये और तीनों को जिला अस्पताल भिजवाया गया.
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि बस में दुर्घटनावश गोली चलने से प्राइवेट सिक्यूरिटी गार्ड विनोद यादव की मौत हुई है. जबकि घायल सिपाही और एक यात्री का इलाज जारी है उनकी स्थिति खतरे से बाहर है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इसके अलावा पूरे मामले की जांच की जा रही है.
इस घटना के बाद सार्वजनकि वाहनों में इस तरह से असलहा लेकर चलने पर सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही जिनके पास लाइसेंस हैं उन्हें उसके इस्तेमाल और रख-रखाव का अनुभव है या नहीं ये बात भी उठ रही है. कई यात्रियों ने घटना को लेकर बेहद डरावना बताया है.