OP Rajbhar B’day wish to Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश याद आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर राजनीतिक दिग्गज समेत पार्टी के कार्यकर्ता अपनी बधाई दे रहे हैं। ऐसे में यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को जन्मदिन पर ‘तंज और नसीहत’ से भरे बेहद अनोखे अंदाज में बधाई दी है। उन्होंने राजनीतिक चुटकी लेते हुए उन्हें जमीन पर उतरकर जनता के बीच जाने की सलाह दे डाली।
सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) के प्रमुख और राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि उम्र और अनुभव में बड़ा होने के नाते सलाह है कि ‘एसी (AC) और पीसी (PC)’ वाली राजनीति छोड़कर, गांव-देहात की पगडंडियों पर उतरिए। 48 डिग्री की धूप में पसीना बहाकर ही जनता की असली राजनीति समझ आएगी। जमीन से जुड़ने का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
राजभर ने अखिलेश को तोहफे में दी ‘सलाह’
ओपी राजभर ने तंज लहजे में लिखा,’समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं। बहुत सोचा कि आपको उपहार में क्या दूं। आप ठहरे बड़े घर के बेटे, पिताजी पूर्व सीएम और रक्षा मंत्री रहे, आप खुद पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं, आलिशान बंगलों में जीवन गुजरा है। हम भला क्या दे सकते हैं आपको। मगर उम्र और अनुभव में बड़ा होने के नाते एक बेशकीमती सलाह हम आपको दे सकते हैं। इस सलाह को ही जन्मदिन पर मेरी तरफ से उपहार मानिएगा।’
‘आलस छोड़, गांव-देहात की पगडंडियां नापिए’
उन्होंने आगे लिखा, ‘सलाह यही है कि आप अपनी आलसी और आरामतलबी वाली जिंदगी से जितना जल्दी हो सके बाहर निकलिए। एसी और पीसी वाली राजनीति का जितना जल्दी हो सके त्याग करेंगे उतना आपके लिए अच्छा रहेगा। आलस से बाहर निकलकर गांव-देहात की पगडंडियां भी नापिए। गैर-यादव पिछड़ों, गरीबों, दलितों, वंचितों और समाज के हर वर्ग के बीच जाकर उनके सुख-दुख में शामिल होएं। नए उत्तर प्रदेश को देखिए और समझने का प्रयास कीजिए। बस खाली एसी में बैठकर ट्विटर पर खेत-किसान, मेड़-पगडंडी वाला वीडियो मत देखते रहिए। खेत में जाकर खुद किसानी समझिए।’
‘…तभी राजनीति का असली रास्ता समझ आएगा’
राजभर यही नहीं रुके, उन्होंने लिखा, ‘हां, ये हो सकता है कि शुरू-शुरू में मेड़-पगडंडी पर चलते-चलते आपका पैर मुचुक जाए, कांटा धंस जाए। ऊपर से धूप भी लगेगी और पसीना से तर-बतर भी हो जाएंगे, लेकिन लगातार कोशिश करते रहेंगे तो एक न एक दिन गांव की राजनीति से प्रदेश की राजनीति का असली रास्ता भी समझ में आ ही जाएगा।’
‘अखिलेश बाबू जमीन से जुड़ने का कोई शॉर्टकट नहीं’
उन्होंने नसीहत देते हुए कहा, ‘ अखिलेश बाबू, जमीन से जुड़ने का कोई शॉर्टकट नहीं होता, उसके लिए मेड़ पर गोड़ (पैर) रगड़ना ही पड़ता है। हम ही से सीख लीजिए, 48 डिग्री में भी गांव-गांव घूमते हैं। बस इतना ही कहना था आपके लिए हमारी तरफ से यही उचित उपहार है। ईश्वर आपको सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें। एक बार फिर जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।’