ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद या नॉलेज पार्क का रुख करने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो जाएगी. ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पहली यूनिवर्सिटी के रूप में मेट्रो यूनिवर्सिटी ने अपनी शैक्षणिक शुरुआत कर दी है. यूनिवर्सिटी में आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 15 रोजगारपरक कोर्स शुरू किए गए हैं, जिससे स्थानीय छात्रों को अपने घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा.
मेट्रो यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राजेश पाठक ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास के क्षेत्रों की आबादी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है, लेकिन यहां उच्च शिक्षा के लिए किसी विश्वविद्यालय का अभाव था. इस कारण हजारों छात्रों को रोजाना लंबी दूरी तय कर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद या नॉलेज पार्क जाना पड़ता था. अब यूनिवर्सिटी शुरू होने से छात्रों का समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी, वहीं परिवारों पर यात्रा का अतिरिक्त बोझ भी कम होगा.
आगे की चुनौतियों के लिए करेगा तैयार
उन्होंने कहा कि लोगों में मेट्रो यूनिवर्सिटी को लेकर काफी उत्साह है और संस्थान उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेगा. विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराना है जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सके. शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
डॉ. पाठक ने बताया कि मेट्रो यूनिवर्सिटी, मेट्रो ग्रुप की पहल है, जिसके प्रमोटर पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. पुरुषोत्तम लाल हैं. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जिस भरोसे और उत्कृष्टता की पहचान मेट्रो ग्रुप ने बनाई है, उसी सोच को अब शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाएगा. संस्थान का लक्ष्य छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना है.
इन कोर्सों की शुरुआत
यूनिवर्सिटी में नई तकनीकों और बदलती औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंजीनियरिंग के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक बीटेक कोर्स शुरू किए गए हैं. इसके अलावा बीबीए, बीसीए, बीकॉम, एमबीए, एमसीए, एमकॉम, बीए (जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) और एमए (जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) में भी प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है. इन कोर्सों का उद्देश्य छात्रों को रोजगार और उद्योग की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है.
इन क्षेत्रों में बढ़ेंगी रोजगार की संभावनाएं
उन्होंने कहा कि आज का दौर डिजिटल तकनीक का है और आने वाले वर्षों में आईटी, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं लगातार बढ़ेंगी. इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिससे छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार पाएंगे.
इतनी लगेगी फीस
उन्होंने कहा कि मेट्रो यूनिवर्सिटी ने विभिन्न कोर्सों की फीस भी जारी कर दी है. बीटेक और एमबीए की पहले वर्ष की फीस 1,78,600 रुपये और दूसरे वर्ष से 1,58,500 रुपये होगी. एमसीए की पहले वर्ष की फीस 1,33,600 रुपये और दूसरे वर्ष से 1,13,500 रुपये निर्धारित की गई है. बीबीए और बीए (जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की पहले वर्ष की फीस 1,28,600 रुपये और दूसरे वर्ष से 1,08,500 रुपये है.
वहीं बीसीए के लिए पहले वर्ष 1,18,600 रुपये और दूसरे वर्ष से 98,500 रुपये, बीकॉम के लिए पहले वर्ष 1,13,600 रुपये और दूसरे वर्ष से 93,500 रुपये, एमकॉम के लिए पहले वर्ष 1,23,600 रुपये और दूसरे वर्ष से 1,03,500 रुपये, जबकि एमए (जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की पहले वर्ष की फीस 1,31,100 रुपये और दूसरे वर्ष से 1,11,000 रुपये रखी गई है. हालांकि, रजिस्ट्रेशन फीस, ईआरपी फीस, परीक्षा शुल्क, आईडी कार्ड फीस, मेडिकल इंश्योरेंस और कॉशन मनी इस फीस में शामिल नहीं हैं.