कोई महिला जब संकट में हो इंटरनेट भी बंद हो तब भी अगर सुरक्षा एप काम करे तो वह बेहद अहम हो जाता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के यूनिवर्सिटी वीमेन्स पॉलिटेक्निक की छात्राओं ने महिला सुरक्षा के लिए ट्रस्टनेट ऐप को विकसित करके। यह बिना इंटरनेट के भी चलेगा।
यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक (ब्वायज) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग अनुभाग द्वारा आयोजित प्रोजेक्ट एग्जीबिशन-2026 में इन छात्राओं द्वारा विकसित दो अभिनव प्रोजेक्ट्स को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ परियोजना पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। छात्राओं ने अपनी प्रतिभा के दम पर यह साबित कर दिया है कि देश की बेटियां न सिर्फ तकनीक को समझ रही हैं, बल्कि उसका इस्तेमाल समाज की दो सबसे बड़ी चुनौतियों महिला सुरक्षा और जल संरक्षण का समाधान खोजने में कर रही हैं।
डिप्लोमा इन कंप्यूटर इंजीनियरिंग की छात्राओं खुशबू खातून और सूफिया शबनम ने ट्रस्टनेट नामक एक बेहद खास महिला सुरक्षा एप्लीकेशन तैयार की है। इस ऐप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नेटवर्क या इंटरनेट न होने की स्थिति में भी यह ऑफलाइन एसएमएस के जरिए मदद भेज सकता है। आपातकालीन स्थिति में केवल एक क्लिक करते ही तुरंत मदद सक्रिय हो जाती है। इसमें जीपीएस आधारित लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और आपातकालीन हेल्पलाइन के साथ-साथ विश्वसनीय संपर्कों को मैनेज करने की बेहतरीन सुविधा है। यह प्रोजेक्ट तारिक अहमद, सैयदा शीरा मोइन और डॉ. ओमेरा यूसुफ के कुशल मार्गदर्शन में तैयार हुआ है।
जल संकट पर प्रहार, हाइड्रोरिवाइव सिस्टम
भविष्य के जल संकट को देखते हुए और पानी की हर बूंद को सहेजने के इरादे से आइरा आरिफ, मितांशी भारद्वाज और सना परवीन ने स्विमिंग पूल के स्वचालित रखरखाव के लिए एक स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल प्रणाली हाइड्रोरिवाइव सिस्टम का निर्माण किया है। यह सिस्टम आधुनिक सेंसर्स के जरिए स्विमिंग पूल के पानी की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखता है। पानी को बेकार बहने देने के बजाय, यह सिस्टम पानी की स्वच्छता और संचालन दक्षता को देखते हुए केवल जरूरत पड़ने पर ही समय से पानी की निकासी और पुनर्भरण सुनिश्चित करता है।
यह तकनीक आने वाले समय में स्मार्ट सिटीज के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। अनुभाग प्रभारी डॉ. समीरा के निर्देशन में इन दोनों प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया गया, जिसे जजों ने प्रदर्शनी का सर्वश्रेष्ठ नवाचार माना। यूनिवर्सिटी वीमेन्स पॉलिटेक्निक की प्राचार्या प्रो. परवीन फारूकी ने छात्राओं की इस शानदार सफलता पर उन्हें बधाई दी।