उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में दीदारगंज थाना प्रभारी ताजिए के रास्ते में टीन शेड हटाने के दौरान एक युवक शुभंकर शर्मा की थाना प्रभारी से बहस और फिर थाना प्रभारी द्वारा युवक को थप्पड़ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. जिसके बाद इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं. जबकि पुलिस ने युवक पर अपशब्द बोलने का आरोप लगाया है.
उधर युवक के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने बेवजह ही उनके बेटे के साथ मारपीट की है. इसीलिए उसने अब उच्च अधिकारियों से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है.
क्या है पूरा मामला ?
घटना तीन दिन पहले की बताई जा रही है, जहां वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ पुलिसकर्मी सड़क किनारे खड़े युवक से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं. उसी दौरान पुलिसकर्मी युवक को थप्पड़ मारते नजर आए. इस वीडियो में दिखाई देने वाले दीदारगंज थाना प्रभारी हैं. घटना का वीडियो वहां मौजूद किसी ने अपने मोबाइल से बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था. जिसके बाद यह तेजी से वायरल होने लगा और लोगों के बीच इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई.
ताजिया मार्ग पर अवरोध का आरोप
पुलिस ने कहा की ताजिया रखने के निर्धारित स्थान पर शुभंकर शर्मा द्वारा टीन शेड लगाकर अवरोध उत्पन्न किया गया था. शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टिगत पहले भी उपजिलाधिकारी मार्टिनगंज एवं पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तीन शेड हटाने हेतु समझाया गया था, जिस पर उनके द्वारा इसे हटाने का आश्वासन दिया, किन्तु टीन शेड नहीं हटाया गया.
ताजिया जुलूस के दिन पुलिस द्वारा पुनः टीन शेड हटाने के लिए कहा गया, तो सहयोग करने के बजाय शुभंकर शर्मा द्वारा उच्चाधिकारियों व पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं थी. जिस पर थाना प्रभारी आक्रोशित होकर थप्पड़ जड़ दिये थे.इस मामले पर एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि घटना की जांच सीओ फूलपुर को सौपी गई है. जांच में जो तथ्य प्रकाश में आएंगे, उनके आधार कार्रवाई की जायेगी.
परिजनों ने अब पुलिस को घेरा
शुभंकर शर्मा की दादी चिंता देवी ने बताया कि जिस टीन शेड को हटाया गया, वह कई वर्षों से लगा हुआ है. उन्हें ताजियों को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और न ही कभी उन्होंने इसका विरोध किया, बल्कि वह खुद ताजिए का सम्मान करती हैं, तथा उनका पूरा परिवार ताजिए की पूजा करता रहा है.
ताजियादार ताजियों को लेकर बगल के रास्ते से जाते थे. लेकिन उस रास्ते पर मकान बन जाने की वजह से रास्ता बंद हो गया और इस साल ताजिए के लिए उनके टीन शेड को जबरदस्ती पुलिस ने हटाया. जब इस बात का विरोध उनके पोते ने किया तो पुलिस ने उसे मारा जिससे वह दुखी हैं और वह प्रशासन से गुहार लगा रही हैं कि उनके परिवार पर कोई कार्रवाई न की जाए और उनका टीन शेड पहले की तरह से बना दिया जाए.