बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र में शनिवार शाम एक निर्माणाधीन प्राइवेट कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बड़ा हादसा हो गया. कॉम्प्लेक्स की शटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए. हादसे के बाद प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया. रेस्क्यू के दौरान 11 मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए.
जानकारी के अनुसार, हैदरगढ़ क्षेत्र में शनिवार शाम एक निर्माणाधीन प्राइवेट कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में शटरिंग गिरने से हादसा हुआ है. हादसे के समय कॉम्प्लेक्स में कुल 28 मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे. अचानक निर्माणाधीन हिस्से की शटरिंग और स्ट्रक्चर का एक भाग ढह गया, जिससे करीब 10 से 11 मजदूर मलबे में दब गए.
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मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं. जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने राहत एवं बचाव कार्य की कमान संभाली. जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया.
हादसे के वक्त 28 मजदूर कर रहे थे काम
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि यह एक निजी कमर्शियल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य था. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कॉम्प्लेक्स के मालिक के.पी. सिंह वर्मा बताए जा रहे हैं, जो लखनऊ के निवासी हैं. उन्होंने कहा कि पूरे परिसर में 28 मजदूर कार्य कर रहे थे, लेकिन जिस हिस्से में हादसा हुआ वहां लगभग 10 से 11 मजदूर मौजूद थे.
जिलाधिकारी ने बतायाप्रशासन ने लगभग सभी लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है. हालांकि एक मजदूर की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है. अन्य घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चल रहा है.
शटरिंग गिरने से 10 लोग घायल
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि कुल 11 घायल अस्पताल लाए गए थे. इनमें से एक मजदूर को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि 10 अन्य घायलों का इलाज किया गया. उन्होंने बताया कि दो घायलों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है, जबकि कुछ मरीज अपनी इच्छा से दूसरे अस्पताल चले गए.
उन्होंने कहा कि मेडिकल विभाग की पूरी टीम मौके पर तैनात रही और घायलों को हरसंभव चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय लोग भी राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन की मदद करते नजर आए.
हादसे की जांच शुरू
फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की जांच में जुट गया है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं. यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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