उत्तर प्रदेश के बस्ती से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, यहां रोजी-रोटी के लिए मुंबई गए परिवार के पांच सदस्यों की मंगलवार को दुर्घटना में मौत हो गयी. जैसे ही इस हृदयविदारक हादसे की खबर बस्ती के रसूलपुर गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया.
दरअसल मुंबई के मानखुर्द इलाके में मंगलवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने बस्ती जिले के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव के एक पूरे परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया. एक तीन मंजिला जर्जर मकान के ढहने से मां और उनके चार मासूम बच्चों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई.
अचानक गिरी इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मानखुर्द इलाके में स्थित एक जर्जर तीन मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई. हादसे के वक्त घर के भीतर 38 वर्षीय अख्तरजहां और उनके चार बच्चे मौजूद थे. पलक झपकते ही पूरा परिवार मलबे के नीचे दफन हो गया. स्थानीय लोगों और राहत बचाव दल (NDRF) ने काफी मशक्कत के बाद सबको बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया.
मृतकों की सूची
- अख्तरजहां (उम्र 38 वर्ष) – मां
- कैसर (उम्र 14 वर्ष) – बड़ी बेटी
- जलालुद्दीन (उम्र 7 वर्ष) – बेटा
- सेराजुद्दीन (उम्र 6 वर्ष) – बेटा
- अनामिया (उम्र 3 वर्ष) – सबसे छोटी बेटी
परिवार का मुखिया बाहर था
घटना के समय परिवार के मुखिया मोइनुद्दीन घर पर मौजूद नहीं थे. वे रोजाना की तरह शाम को बाजार से सब्जी लेने गए थे. जब वे वापस लौटे, तो जहां उनका आशियाना था, वहां सिर्फ मलबे का ढेर और चीख-पुकार बची थी. मोइनुद्दीन की जान तो बच गई, लेकिन उनके जीने का सहारा छिन गया.
रिश्तेदारों और ग्रामीणों का कहना है कि मोइनुद्दीन पिछले 20 वर्षों से मुंबई में रहकर हाड़-तोड़ मेहनत और मजदूरी कर रहे थे ताकि अपने बच्चों को अच्छी तालीम और जिंदगी दे सकें. उनकी दो दशक की मेहनत और पूरा संसार एक पल में उजड़ गया.
गांव में हुआ अंतिम संस्कार
प्रशासनिक अधिकारियों और पारिवारिक सदस्यों के मुताबिक, मुंबई में कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी पांचों शवों को एम्बुलेंस के जरिए आज बस्ती लाया गया. शवों के गांव पहुंचने की खबर से पहले ही पूरे रसूलपुर और आस-पास के गांवों में मातम छा गया है. गमगीन माहौल में सभी शवों का अंतिम संस्कार किया कराया गया.