यमुना एक्सप्रेस-वे पर मांट विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक राजेश चौधरी की सुरक्षा में लगी एस्कॉर्ट गाड़ी एक बड़े हादसे का शिकार हो गई. रॉन्ग साइड से आ रहे एक ट्रक से बचने के चक्कर में पुलिस की बुलेरो अनियंत्रित होकर लोहे की फेंसिंग से टकरा गई. इस हादसे के बाद सुरक्षा में तैनात उप-निरीक्षक राजेंद्र सिंह यादव की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है.
दुर्घटनाग्रस्त बुलेरो गाड़ी को को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह दर्दनाक हादसा भीषण था. रविवार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर क्षेत्र के पास हुआ. जानकारी के मुताबिक, मांट विधायक राजेश चौधरी को जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए उड़ान पकड़नी थी, जिसके लिए उनका काफिला एक्सप्रेस-वे से एयरपोर्ट की तरफ बढ़ रहा था. इसी दौरान अचानक सामने से रॉन्ग साइड पर एक बेकाबू ट्रक आ गया.
ट्रक को सामने देख एस्कॉर्ट वाहन के चालक ने सूझबूझ दिखाई और गाड़ी को बचाने की कोशिश की. लेकिन रफ्तार तेज होने के कारण पुलिस की बुलेरो गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगी लोहे की ग्रिल यानी फेंसिंग को तोड़ते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
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हादसा होते ही विधायक राजेश चौधरी ने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई. उन्होंने खुद मौके पर मोर्चा संभाला और गाड़ी में फंसे पुलिसकर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला. एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात उप-निरीक्षक राजेंद्र सिंह यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी. उन्हें आनन-फानन में नोएडा के कैलाश अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक, उप-निरीक्षक की मौत की शुरुआती वजह कार्डियक अरेस्ट यानी दिल का दौरा पड़ना बताई जा रही है.
इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है. दिवंगत उप-निरीक्षक राजेंद्र सिंह यादव की सेवानिवृत्ति में मात्र दो महीने का समय बचा था. दो महीने बाद वो ससम्मान अपनी सेवा पूरी कर घर लौटने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. इस हादसे के बाद पुलिस विभाग और लोगो में शोक की लहर है. यमुना एक्सप्रेस-वे पर लगातार हो रहे रॉन्ग साइड ट्रैफिक और तेज रफ्तार पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.