छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। यूनिवर्सिटी में अब श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, उनके विचारों और मानवीय मूल्यों को सहेजने के लिए ‘गुरु तेग बहादुर शोध पीठ’ की स्थापना की गई है। इस खास प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 2 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया है। बुधवार को यूनिवर्सिटी के सेनानायक तात्या टोपे सभागार में गुरुवाणी शबद की गूंज के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस दौरान गुरु तेग बहादुर जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। क्यों पड़ी इस शोध पीठ की जरूरत? कार्यक्रम में मौजूद उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने गुरु तेग बहादुर जी के योगदान को याद करते हुए उन्हें ‘हिन्द दी चादर’ बताया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक आजादी, मानवाधिकारों और इंसानियत की रक्षा के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। उनका यह बलिदान और साहस आज के दौर में भी युवाओं के लिए उतना ही जरूरी है। अब इस शोध पीठ के जरिए उनके जीवन, उनकी शिक्षाओं और इतिहास में उनके योगदान पर गहराई से रिसर्च होगी। इसके साथ ही किताबों का प्रकाशन, सेमिनार और स्पेशल लेक्चर जैसे कई एकेडमिक काम भी किए जाएंगे। यूनिवर्सिटी के लिए ऐतिहासिक कदम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. विनय पाठक ने इसे सीएसजेएमयू के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर सिर्फ इतिहास पढ़ने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां सोशल जस्टिस, नैतिकता, सांस्कृतिक विरासत, देश की एकता और अलग-अलग धर्मों के बीच आपसी भाईचारे जैसे जरूरी विषयों पर भी गंभीर रिसर्च की जाएगी। तैयारियों के लिए इनका हुआ सम्मान इस शोध पीठ को धरातल पर उतारने और इसकी पूरी रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाने के लिए निदेशक श्री जे. एस. अरोड़ा और निदेशक श्रीमती जसवीन कौर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
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CSJMU में खुलेगी गुरु तेग बहादुर शोध पीठ:सरकार देगी 2 करोड़ रुपए, छात्रों को मिलेगा उनके जीवन और बलिदान पर रिसर्च का मौका