राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच राम मंदिर के शिखर पर फहराए गए ध्वज का डिजाइन करने वाले ललित मिश्र ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं. नोएडा निवासी ललित मिश्र ने ABP से खास बातचीत में आरोप लगाया है कि उन्हें शुरू से ही चंपत राय का व्यवहार अच्छा नहीं लगा. वो जब भी उनसे मिलने जाते थे तब उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता था, जबकि वो बिजनेस बिरादरी से तुरंत मुलाकात करते थे.
इसके अलावा उन्होंने ये तक कहा कि चंपत राय को मंदिर में कोई श्रद्धा कभी थी ही नहीं, बल्कि वो अक्सर अपने ऊंचे संबंधों का हवाला देते थे. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा बात तो करते थे, लेकिन हर काम के लिए चंपत राय के पास लोगों को भेज देते थे.
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ललित मिश्र ने चंपत राय पर क्या-क्या आरोप लगाए?
श्रीराम मंदिर गर्भगृह के शिखर का ध्वज डिजाइन करने वाले नोएडा निवासी ललित मिश्रा ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चंपत राय का सामान्य व्यवहार अच्छा नहीं था. उनसे मिलने की कोई व्यवस्था या कोई सिस्टम नहीं था. घंटों इंतजार के बाद मिलने का मौका देते थे, लेकिन कुछ बिजनेस बिरादरी से तुरंत भेंट कर लते थे. ध्वज डिजाइन हो गया तो उसे दिखाने के लिए मुझे 24 घंटे इंतजार करना पड़ा.
उन्होंने आगे कहा, “अब जान सकते हैं कि उनका सिस्टम कैसा था. उन्हें लोगों को इंतजार करने में मजा आता था. आरोप लगाया कि चंपत राय व्यापारिक बिरादरी से होटलों की बातें करते थे. कर्मियों को इंतजार कराने में चंपत को मजा आता था. वो व्यापारिक बिरादरी से घिरे रहते थे. कोई अयोध्या में होटल बनाना चाहता था तो किसी को दुकान चाहिए होती थी. ऐसे लोगों से वह घंटो बातें किया करते थे.”
अनिल मिश्रा पर क्या कहा?
ललित मिश्र ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी मंदिर में कोई श्रद्धा नहीं थी. वो अपने ऊंचे संबंधों का अक्सर हवाला दिया करते थे. उन्होंने सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा पर भी आरोप लगाया और कहा कि अनिल मिश्रा तो बात कर लेते थे, लेकिन मिलते कम ही थे. हर काम के लिए वो चंपत राय के पास भेज देते थे.
बता दें कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच 6 जुलाई को अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बड़ी बैठक होने वाली है. इस बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर विचार किया जाएगा. एक तरह से कहें तो ट्रस्ट की इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्र के भविष्य पर फैसला होगा.
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