एम्स थाना क्षेत्र में रिटायर्ड लेखपाल के घर परिवार को बंधक बनाकर 80 लाख रुपये की डकैती डालने वाले डायना गैंग पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। बीते पांच जनवरी को हुई इस सनसनीखेज वारदात में बदमाशों ने डेढ़ साल के बच्चे के सीने पर तमंचा रखकर परिवार को धमकाया था।
अब पुलिस ने इस मामले में शामिल सात आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही उनकी अवैध संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
एम्स थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय की तहरीर पर चिलुआताल इलाके के विस्तारनगर गिदहवा निवासी रामरक्षा उर्फ तेजू यादव, भगवानपुर निवासी राजकुमार सिंह उर्फ टिंकू, शाहपुर इलाके के खरैया पोखरा निवासी अभिषेक चौहान, असुरन पुरानी चुंगी निवासी धनंजय चौहान, एम्स क्षेत्र के रामगढ़ उर्फ रजही टोला निवासी देवेंद्र निषाद उर्फ दयानंद उर्फ डायना, महराजगंज के फरेंदा थाना क्षेत्र निवासी संजय चौहान और संजय विश्वकर्मा के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर जनपद और अंतरजनपदीय स्तर पर अपराध कर रहे थे। पुलिस अब आरोपियों की अवैध संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है। जल्द ही संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।
यह है मामला
रजही मौर्या चौराहा निवासी रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह (70) के घर पांच जनवरी की शाम चार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में डकैती की थी। शाम करीब 6:42 बजे दो बाइक से पहुंचे बदमाशों ने गेट की घंटी बजाई। बालेंद्र सिंह को लगा कि कोई कूरियर देने आया है, लेकिन गेट खुलते ही बदमाश सीमेंट का भुगतान मांगने लगे।
कुछ समझ पाते उससे पहले एक बदमाश ने पिस्टल की बट से उनके सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद बदमाश परिवार को बंधक बनाकर घर के अंदर घुस गए। घर में मौजूद पत्नी ऊषा सिंह, बहू कल्पना सिंह और पूर्णिमा सिंह को अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया।
बदमाशों ने अलमारियों की चाबियां लेकर सोने-चांदी के गहने और करीब चार लाख रुपये नकद लूट लिए। महिलाओं के जेवर भी उतरवा लिए गए। इसी दौरान एक लॉकर की चाबी नहीं मिलने पर बदमाशों ने डेढ़ साल के बच्चे के गले पर तमंचा सटा दिया। उन्होंने परिवार को धमकाते हुए कहा कि चाबी नहीं मिली तो बच्चे को गोली मार देंगे। बाद में बदमाशों ने लॉकर तोड़कर उसमें रखे गहने भी समेट लिए थे।