उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में ईएसआईसी (कमर्चारी राज्य बीमा निगम) के 100 बेडेड हॉस्पिटल बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. यह हॉस्पिटल गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सेक्टर 9 (संस्थागत) में बनेगा. सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में हॉस्पिटल निर्माण के लिए रियायती दर (2000 रुपये प्रति वर्गमीटर) पर भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई.
ईएसआईसी हॉस्पिटल के निर्माण से श्रमिकों और उनके परिजनों को इलाज की बड़ी सुविधा व सहूलियत मिल जाएगी तथा उन्हें इलाज के दूसरे शहरों की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी. प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों में लगातार फैसले ले रही है. इस कदम से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी.
ईएसआईसी में पंजीकृत कर्मचारियों और उनके परिजनों को गोरखपुर में जिला अस्पताल और गीडा में स्थित ईएसआईसी डिस्पेंसरी में इलाज के लिए सामान्य चिकित्सकीय परामर्श मिल जाता है, लेकिन गंभीर बीमारियों के लिए उन्हें वाराणसी या अन्य स्थानों के लिए रेफर किया जाता है. सरकार ने पूर्वांचल की औद्योगिक प्रगति के लिहाज से गीडा क्षेत्र में 5 एकड़ एरिया में 100 बेड का ईएसआईसी खोलने की निर्णय लिया था.
जमीन आवंटन को स्वीकृति मिली
अब यह निर्णय शीघ्र धरातल पर भी नजर आएगा. प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर के मुताबिक ईएसआईसी हॉस्पिटल निर्माण के लिए गीडा के सेक्टर-9 स्थित भूखंड संख्या एएल-7 को उपलब्ध कराया जाएगा. इसका क्षेत्रफल 5.249 एकड़ (21427 वर्गमीटर) है. इस भूमि को वर्तमान आवंटन दर (टेलिस्कोपिक दर 8720 रुपये प्रति वर्गमीटर) के स्थान पर रियायती दर 2000 रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से उपलब्ध कराया जाएगा. रियायती दर पर भूमि आवंटन के प्रस्ताव को सोमवार को योगी सरकार की कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है.
कमर्चारियों को मिलेगी सुविधा
उन्होंने बताया कि गोरखपुर में 100 बेडेड ईएसआईसी हॉस्पिटल की स्थापना से बड़े पैमाने पर कमर्चारियों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन भी होगा.