हाथरस के कलवारी रोड स्थित एक अचार फैक्टरी क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्टरी से निकलने वाला केमिकलयुक्त और दूषित पानी वर्षों से आसपास के भू-जल को प्रदूषित कर रहा है। हाल ही में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के छापे के बाद एक बार फिर लोगों का आक्रोश सामने आया है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार फैक्टरी प्रबंधन अचार निर्माण से निकलने वाले कचरे और एसिडयुक्त पानी का उचित निस्तारण नहीं कर रहा। दूषित पानी आसपास के खाली प्लॉटों में छोड़ा जा रहा है, जिससे वहां स्थायी जलभराव हो गया है। इन प्लॉटों से उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि आसपास के हैंडपंपों और सबमर्सिबल से हल्के पीले रंग का दूषित पानी निकल रहा है। यह पानी पीने तो दूर, नहाने और घरेलू उपयोग लायक भी नहीं रहा है। पिछले लगभग 10 साल से यह फैक्टरी संचालित है। कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। खाली प्लॉट में जहां गंदा पानी भरा रहता है, उसकी बाउंड्री करा दी गई है।-लोकेश निवासी गांव कलवारी।
इस अचार फैक्टरी को संचालित होते हुए कई साल हो गए। क्षेत्रीय लोगों ने कई बार गंदे पानी के जलभराव का विरोध किया, फिर भी अभी तक कोई कार्रवाई नही हुई है। अंदर बोरवेल से पानी जाने से क्षेत्र में हैंडपंप व सबमर्सिबल से दूषित पानी आने लगा है।-प्रशांत शर्मा निवासी कलवारी रोड।
आज ही इसकी शिकायत प्राप्त हुई है। मौका मुआयना कराया जाएगा। गंदे पानी के निस्तारण के लिए नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।-डॉ. विश्वनाथ शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड, अलीगढ़।