उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है. शादी कराने के नाम पर भोले-भाले लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी ‘मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर’ का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राय कॉलोनी स्थित एक मकान में अवैध रूप से फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है. सूचना के आधार पर अपर नगर मजिस्ट्रेट से विधिवत अनुमति लेकर थाना नवाबाद पुलिस और साइबर टीम ने मौके पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से 9 महिलाओं (युवतियों) समेत कुल 11 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
क्या था ठगी का तरीका (Modus Operandi)?
पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. आरोपी नौकरी के नाम पर इस कॉल सेंटर में काम करते थे. इनका मुख्य काम लोगों को कॉल करके शादी कराने का झांसा देना और उन्हें अपने जाल में फंसाना था. शिकार के पूरी तरह झांसे में आने के बाद, संचालकों द्वारा बताए गए बैंक खातों और क्यूआर कोड (QR Code) पर रजिस्ट्रेशन व अन्य शुल्कों के नाम पर मोटी रकम जमा कराई जाती थी.
कर्मचारियों को कमीशन
पुलिस के मुताबिक, ठगी के इस धंधे में कॉल सेंटर के कर्मचारियों को हर महीने तय वेतन के साथ-साथ शिकार फंसाने पर अलग से कमीशन भी दिया जाता था.
41 लाख का लेनदेन, 9 लाख का सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से ठगी का बड़ा जखीरा बरामद किया है: 9 एंड्रॉयड मोबाइल, 17 कीपैड मोबाइल, एक मैकबुक, 7 सीपीयू, प्रिंटर, बायोमैट्रिक मशीन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, रजिस्टर, फाइलें और ठगी की रकम से खरीदे गए आभूषण बरामद किए गए हैं. इन सभी की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये है. इसके अलावा, पुलिस को विभिन्न बैंकों के 7 खातों में करीब 41 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े अहम दस्तावेज भी मिले हैं. पुलिस इन सभी बैंक खातों को फ्रीज कराने की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों (मास्टरमाइंड) की तलाश सरगर्मी से की जा रही है.
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