नई दिल्ली. देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अगले 72 घंटे कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पश्चिमी तट, मध्य भारत और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कई इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गुजरात से लेकर ओडिशा तक और हिमालयी राज्यों से लेकर पश्चिमी तट तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. ऐसे में लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है.
आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. शशि कांत ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में रविवार को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. उत्तराखंड के बागेश्वर और आसपास के इलाकों में सोमवार को भी बेहद भारी बारिश होने की आशंका है. वहीं जम्मू-कश्मीर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कें बंद होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं.
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है. खास तौर पर पूर्वी राजस्थान में आज से बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है. अगले दो से तीन दिनों तक यहां बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है.
आईएमडी के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पहुंच चुका है. अब केवल राजस्थान के कुछ इलाकों में मानसून की दस्तक बाकी है, जहां अगले तीन दिनों के भीतर मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है. इसके बाद पूरे देश में मानसून सक्रिय हो जाएगा.
पश्चिमी तट इस समय सबसे ज्यादा बारिश की चपेट में है. गुजरात, सौराष्ट्र, तटीय महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक और केरल में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग ने गुजरात, तटीय महाराष्ट्र और तटीय कर्नाटक के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. कुछ स्थानों पर 21 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है.
मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है. वहीं मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों – पुणे, महाबलेश्वर और आसपास के इलाकों – में भी अत्यधिक भारी बारिश हुई है. महाबलेश्वर के कुछ हिस्सों में 40 से 50 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी.
मध्य भारत में भी हालात गंभीर बने हुए हैं. दक्षिणी झारखंड और उसके आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र (डिप्रेशन) के कारण छत्तीसगढ़ में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. इसी वजह से राज्य के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई जिलों में अचानक बाढ़ और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.
इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज सहित कई जिलों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि मध्य भारत में मानसून फिलहाल अपने सक्रिय चरण में है और अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात से लेकर ओडिशा तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है.
आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखें, जलभराव वाले इलाकों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचें तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. पर्वतीय राज्यों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.