लखनऊ विश्वविद्यालय में निष्कासित छात्रों का आंदोलन लगातार 38वें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को बारिश के बीच कैंपस में सरस्वती प्रतिमा के सामने छात्र धरने पर बैठे रहे। इस दौरान बीच-बीच में नारेबाजी भी होती रही। धरना दे रहे छात्रों का आरोप हैं कि कुलपति समेत विश्वविद्यालय प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। और न ही वार्ता करने को तैयार है। ऐसे में प्रदर्शन जारी रहेगा। इससे पहले बुधवार को धरना दे रहे छात्रों के बीच कौशांबी सांसद पहुंचे थे। पुष्पेंद्र सरोज ने निष्कासित छात्रों को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया था।
जब तक फीस वृद्धि वापस नहीं होगी प्रदर्शन जारी रहेगा धरना दे रहे छात्र प्रिंस प्रकाश में बताया कि हम कुलपति को ढूंढ रहे है और उनसे बढ़ी हुई फीस वृद्धि वापस लेने तक आंदोलन जारी रखेंगे। जब तक हमारी सुनवाई नहीं होती तब तक धरना और विरोध जारी रहेगा। कुलपति के गुमशुदा होने के लगे थे पोस्टर इससे पहले सोमवार रात छात्रों ने कुलपति के आवास पर छात्रों ने उन्हीं के लापता होने का पोस्टर लगा दिया था। इस पर लिखा था- कुलपति जेपी सैनी न्यू और ओल्ड कैंपस के बीच कहीं खो गए हैं। इनका पता बताने वाले को गरीब अभिभावक और उनके बच्चों की दुआएं इनाम में मिलेंगी। 2 जून से लगातार तरह के प्रदर्शनों के माध्यम से आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि अभी तक कुलपति उनसे मिलने या उनकी मांगों पर बातचीत करने के लिए सामने नहीं आए हैं।
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