Ram Mandir Theft Big Update: राम मंदिर में चढ़ावे और दान पात्र में हुए चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कई घिनौने खुलासे हुए हैं. दान चोरी के लिए काफी शातिर दिमाग का प्रयोग किया जाता था. इसमें बताया गया है कि ये चोर सेवादार कैसे सीसीटीवी को चकमा देने की कोशिश करते थे. अगर सीसीटीवी का पूरी दुनिया के राम भक्तों के सामने आ गया तो उनको अंदर से झकझोर कर रख देगा. एसआईटी ने बताया कि मंदिर के चढ़ावे पर हाथ साफ करने वाले ये आरोपी किसी आम चोर की तरह नहीं, बल्कि एक ‘संगठित सिंडिकेट’ के रूप में काम कर रहे थे. इन सबके बीच बड़ी खबर आ रही है राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है.
CCTV के सामने पीठ, मोजे-पैंट में नोटों की गड्डियां
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि जब भी रामलला के दान पात्र को खोलकर पैसों की काउंटिंग की जाती थी, तब यह गैंग बड़ी चालाकी से सीसीटीवी कैमरों के सामने अपनी पीठ करके बैठते थे ताकि उनकी हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड न हो सकें. नोटों की गिनती करने और उनके बंडल बनाने के दौरान ये लोग बड़ी ही सफाई से नोटों की पूरी-पूरी गड्डियां अपने मोजों और पैंट के अंदर छिपा लिया करते थे. एसआईटी कि रिपोर्ट में बताया गया कि चोरी की गई रकम को कुछ देर के लिए परिसर के बाथरूम में भी छुपाया जाता था. अब तक लगभग 60 लाख रुपये की नगदी रिकवर कर ली गई है.
गणना प्रमुख की देखरेख में चल रहा था पूरा खेल
चढ़ावे की इस डकैती का नेटवर्क बेहद मजबूत था. नोटों की यह पूरी गणना सेंट्रल बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी और मंदिर के गणना प्रमुख सुभाष चंद्र श्रीवास्तव की सीधी देखरेख में की जा रही थी. जांच में गणना प्रमुख की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. इस संगठित चोरी में शामिल जिन मुख्य चेहरों की संलिप्तता पूरी तरह उजागर हुई है, उनमें मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और चंपत राय के पूर्व ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं.
8 नामजद और 1 अज्ञात पर FIR
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों और 1 अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की बेहद सख्त और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है. इस महा-घोटाले की आंच जैसे ही राम मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची, वैसे ही हड़कंप मच गया.
ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल
मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए और निष्पक्ष जांच के सहयोग के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने तत्काल प्रभाव से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. वर्तमान में तीर्थ क्षेत्र भवन में चंपत राय और गोपाल राव बंद कमरे में कानूनी सलाहकारों के साथ आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श कर रहे हैं, जबकि जांच एजेंसियां फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं.
राम मंदिर से दान चोरी करने वाले सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए क्या करते थे?
अपनी संदिग्ध गतिविधियों को छिपाने के लिए हमेशा सीसीटीवी कैमरों के सामने अपनी पीठ करके बैठते थे.
पैसों और नोटों की गड्डियों को कहां-कहां छिपाकर परिसर से बाहर ले जाते थे?
आरोपी नोटों का बंडल बनाने के दरमियान पैसों की गड्डियां अपने मोज़े और पैंट के अंदर छिपा लेते थे, साथ ही पैसों को अस्थाई रूप से बाथरूम में भी छिपाने की बात सामने आई है.
कुल कितनी रकम की रिकवरी की जा चुकी है?
पुलिस और जांच एजेंसियों ने इस संगठित दान पात्र घोटाले के आरोपियों से अब तक लगभग 60 लाख रुपये की नगदी सफलतापूर्वक रिकवर कर ली है.
इस घोटाले में किन चीजों की हेराफेरी का आरोप है?
नोटों की गणना सेंट्रल बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी व गणना प्रमुख सुभाष चंद्र श्रीवास्तव की देखरेख में होती थी. इसमें नगद रुपयों के साथ-साथ भगवान के सोने और चांदी के जेवरों में भी गड़बड़ी का आरोप है.
राम मंदिर ट्रस्ट के किन दो बड़े पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है?
नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है.
कितने लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और मुख्य आरोपी कौन-कौन हैं?
पुलिस ने कुल 8 नामजद और 1 अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमें मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और राम शंकर यादव टिन्नू शामिल हैं.