उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ के तहत नाबालिग दलित लड़की के साथ गैंगरेप के दो आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद शरीफ उर्फ बगेदू और मोहम्मद आमिर उर्फ निरहू के रूप में हुई है. जिन्होंने एक 16 वर्षीय नाबालिग दलित किशोरी के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं. जिसको लेकर जिला अस्पताल में एसपी संदीप मीना पहुचकर आरोपियों से पूछताछ की.
इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी थी, परिजनों और ग्रामीणों में घटना को लेकर बेहद आक्रोश था. जिस पर पुलिस पर जल्द खुलासे के लिए भी दबाब था. आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की गयी है.
28जून को लटकता हुआ मिला था शव
दरअसल, बीते 28 जून की सुबह बेलहर खुर्द गांव के कब्रिस्तान के पास एक पेड़ से लटकता हुआ किशोरी का शव मिला था. आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने और वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया था. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया, जिसमें साफ हुआ कि किशोरी की मौत गला घोंटने की वजह से हुई थी. इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद ली और कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर खंगाला, जिसके साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को शहर कोतवाली क्षेत्र के बालूशासन पुल के पास से दबोच लिया गया.
यह भी पढ़ें: ‘ जन्मदिवस की बधाई भैया…’ अपर्णा यादव ने यूं दी सपा चीफ अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई
आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटकाया
बेलहर एसओ हरिकेश भारती व एसओजी प्रभारी रजनीश राय के नेतृत्त में संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए कड़ी पूछताछ की और हर पहलू पर जांच करने के बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने किशोरी को बहाने से बुलाया था, जिसके बाद दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. उन्होंने बेरहमी से उसकी हत्या कर दी. इस संगीन मामले में बेलहर पुलिस अब मुकदमे में पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दिया है.
भागने की कोशिश में पुलिस ने मारी गोली
आपको बता दें कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद जब सुबह करीब 4 बजे पुलिस टीम आरोपियों को मृतका का मोबाइल और सिम बरामद कराने के साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कराने ले गई थी. इसी दौरान दोनों आरोपियों ने शौच जाने के बहाने गाड़ी रुकवाई और पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश करने लगे. पुलिस कर्मियों ने उन्हें रुकने की चेतावनी दी, लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी. पुलिस की गोली दोनों आरोपियों के पैर में लगी है. घायल आरोपियों को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
एसपी ने पुलिस टीम को 25हजार इनाम का किया ऐलान
पुलिस टीम के इस गुड वर्क के लिए एसपी संदीप मीना ने पुलिस टीम थानाध्यक्ष हरिकेश भारती,एसओजी प्रभारी रजनीश राय राजेश कुमार दूबे, रामभूषण पटेल,शुभम वर्मा, आशीष कुमार वर्मा अनूप राय, शुभम सिंह, विवेक मिश्रा, दीपक सिंह को 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया है, वहीं पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की तैयारी में जुट गई है.
यह भी पढ़ें: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी: ये 10 सवाल जिनके जवाब का अब भी इंतजार, कब सुलझेगी गुत्थी?