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Gonda News: आधुनिक खेती के तरीके ने कई किसानों की किस्मत बदल दी है और अब वे तगड़ी कमाी कर रहे हैं. ऐसे ही गोंडा के एक किसान हैं, जिन्होंने B.Tech की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने गांव लौटकर खेती की शुरुआत की और आज वो दूसरे किसानों की सीख दे रहे हैं.
गोंडा: आमतौर पर B.Tech की पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा किसी अच्छी नौकरी की तलाश करते हैं, लेकिन गोंडा जिले के रहने वाले तरुण कुमार तिवारी ने एक अलग रास्ता चुना. इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने और कुछ समय नौकरी करने के बाद उन्होंने खेती को अपना करियर बनाने का फैसला किया. आज वह आधुनिक तरीके से बैंगन की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं और दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं.
तरुण कुमार तिवारी बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी की, लेकिन उनका मन हमेशा खेती की ओर रहता था. नौकरी के दौरान उन्होंने महसूस किया कि यदि खेती को वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों के साथ किया जाए तो इससे भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है. इसी सोच के साथ उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अपने गांव लौटकर खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाने का निर्णय लिया.
क्या है क्वालिफिकेशन
लोकल 18 से बातचीत के दौरान तरुण कुमार तिवारी बताते हैं कि उन्होंने B.Tech तक की पढ़ाई की. उसके बाद वह एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहे थे. फिर उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने घर आकर अपनी जमीन में खेती किसानी करने लगे. पहले वह पारंपरिक खेती करते थे, फिर उन्होंने सब्जी की खेती के बारे में सोचा और वह इस समय लगभग एक बीघा में बैंगन की खेती कर रहे हैं.
कहां से मिला आइडिया
खेती शुरू करने से पहले तरुण ने विभिन्न फसलों के बारे में जानकारी जुटाई. उन्होंने कृषि विशेषज्ञों और पानी संस्थान से सलाह ली और बाजार की मांग को भी समझा. इसके बाद उन्होंने बैंगन की खेती करने का फैसला किया. उन्होंने खेत की अच्छी तरह तैयारी की और उन्नत किस्म के बीजों का चयन किया. साथ ही सिंचाई, खाद और कीट प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया.
कितने बीघा में कर रहे हैं बैंगन की खेती
तरुण कुमार तिवारी बताते हैं कि इस समय लगभग एक बीघा में बैंगन की खेती कर रहे हैं. भविष्य में स्कोर आगे बढ़ाना है, क्योंकि बैंगन की खेती से हमारा अच्छा खासा इनकम हो रहा है. तरुण बताते हैं कि बैंगन की खेती में नियमित देखभाल की जरूरत होती है. पौधों की समय-समय पर निगरानी करनी पड़ती है, ताकि किसी बीमारी या कीट का असर न हो. उन्होंने ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया, जिससे पानी की बचत होती है और पौधों को आवश्यक मात्रा में नमी मिलती रहती है.
खेती से हो सकती है अच्छी कमाई
उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि बैंगन की फसल अच्छी हुई और बाजार में भी उन्हें बेहतर कीमत मिली. आज वह हर सीजन में अच्छी मात्रा में बैंगन का उत्पादन कर रहे हैं. इससे उन्हें लाखों रुपये की आय हो रही है. खेती से होने वाली कमाई ने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि यदि सही योजना और मेहनत के साथ खेती की जाए तो यह भी एक लाभदायक व्यवसाय बन सकती है.
तरुण का कहना है कि आज के युवाओं को खेती को केवल पारंपरिक काम नहीं समझना चाहिए. आधुनिक तकनीक, नई जानकारी और सही प्रबंधन के जरिए खेती में भी बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है. उनका मानना है कि पढ़े-लिखे युवाओं के खेती से जुड़ने पर कृषि क्षेत्र और अधिक मजबूत होगा.
अन्य किसानों को देते हैं जानकारी
आज आसपास के कई किसान भी तरुण की खेती देखकर प्रेरित हो रहे हैं. वह समय-समय पर अन्य किसानों को भी आधुनिक खेती के बारे में जानकारी देते हैं. उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, सही सोच और नई तकनीकों के सहारे खेती में भी शानदार सफलता हासिल की जा सकती है. B.Tech की नौकरी छोड़कर खेती को अपनाने वाला यह युवा आज लाखों रुपये की कमाई कर रहा है और ग्रामीण युवाओं के लिए एक मिसाल बन गया है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.