उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में उप जिला निर्वाचन अधिकारी कौस्तुभ मिश्र की अध्यक्षता में सोमवार को अपर जिलाधिकारी कार्यालय में नोडल अधिकारियों के साथ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के अधार पर निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर बैठक आयोजित हुई.उन्होने कहा कि एसआईआर में लगाये गये कर्मिकों को निर्देश दिये गए कि वे इस कार्य को प्राथमिकता से सम्पादित करना सुनिश्चित करें.
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को समावेशी, पारदर्शिता से आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाये. एसआईआर मजबूत लोकतंत्र के लिए त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत बीएलओ द्वारा आज सोमवार से घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरण प्रारम्भ कर दिया गया है.
उन्होंने सभी बीएलओ व रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से गणना प्रपत्र वितरण की सूचना प्रतिदिन सांय तक कन्ट्रोल रूम एवं निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये. इसके साथ ही उन्होंने जनमानस से भी अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया.
प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग संपन्न
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि 29 मई से 07 जून 2026 तक प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग कार्य संपन्न किया जा चुका है..सोमवार 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन एवं गणना प्रपत्र भरने का कार्य करेंगे. मतदान केंद्रों का युक्तिकरण 7 जुलाई तक तथा मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन 14 जुलाई तक किया जाएगा व दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक तथा नोटिस चरणबद्ध दावों का निपटान एवं आपत्ति 14 जुलाई से 11 सितंबर तक व अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितम्बर को किया जाएगा.
मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय बनाना है
इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा मृत, स्थानांतरित, अपात्र एवं डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर सूची को अधिक विश्वसनीय एवं अद्यतन बनाना है. बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि एन्यूमरेशन चरण के दौरान किसी प्रकार के दस्तावेज एकत्र नहीं किए जाएंगे. अपर जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है अथवा किसी कारण से हट गया है, तो वह प्रारूप-6 एवं घोषणा पत्र के माध्यम से अपना नाम पुनः दर्ज करा सकता है.
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद प्राप्त सभी दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा. उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने कार्यकर्ताओं एवं बीएलए के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को एसआईआर कार्यक्रम के प्रति जागरूक करने तथा बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की, ताकि कार्यक्रम को निष्पक्ष, प्रभावी एवं त्रुटिरहित पूरा किया जा सके.