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उत्तर प्रदेश की राजनीति में वैसे तो बहुत सारे किस्से-कहानी है. लेकिन एक किस्सा ऐसा भी है, जिसे सुनकर बहुत सारे लोग हैरान हो सकते हैं. क्या आप जानते हैं कि यूपी में एक नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा, शपथ भी ली, लेकिन सत्ता उसके हाथ में ज्यादा देर टिक नहीं सकी. महज 31 घंटे के भीतर पूरा सियासी खेल पलट गया और इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिस पर आज भी चर्चा होती है. आखिर कौन था वह नेता, कैसे मिली कुर्सी और क्यों छिन गई इतनी जल्दी. जानते हैं UP CM के गजब किस्से.
यूपी के उस मुख्यमंत्री की दास्तान जिसे कोई भूल नहीं सकता, जिसने सिर्फ 31 घंटे में ही अपनी पूरी सत्ता गंवा दी.
उत्तर प्रदेश की राजनीति का इतिहास जितना गौरवशाली है, उतना ही गहरा इसमें कुछ ऐसे पन्ने भी हैं जिन्हें कोई याद नहीं रखना चाहता. यह कहानी उस सियासी दांव-पेच की है, जिसने देश को हिलाकर रख दिया था. यूपी की सियासत में राज्य की सत्ता के शीर्ष पर एक ऐसा शख्स बैठा, जिसका कार्यकाल महज 31 घंटे का रहा। यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि सत्ता हथियाने की उस आपाधापी का नतीजा थी, जिसे आज भी यूपी के राजनीतिक इतिहास में एक बड़े ‘सियासी कलंक’ के तौर पर देखा जाता है.