महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे के मदरसों को ‘आतंकवाद का अड्डा’ बताने वाले बयान पर लखनऊ में समाजवादी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने नितेश राणे के बयान को ‘आलतू-फालतू’ करार देते हुए कहा कि ऐसे बयानों पर कोई कमेंट नहीं करना चाहिए.
बीजेपी सांप्रदायिक माहौल के लिए ऐसे लोगों को करती है आगे
आशुतोष वर्मा ने कहा कि ऐसे-ऐसे व्यक्तियों को बीजेपी जब संवैधानिक पदों पर बैठाती है तो आप खुद समझ सकते हैं कि बीजेपी का बौद्धिक स्तर और सामाजिक स्तर कितना है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी जानबूझकर ऐसे ‘बेडमाउथ’ (बड़ी-बड़ी बातें करने वाले) लोगों को आगे करती है, जिससे सांप्रदायिक माहौल बने. जब माहौल बिगड़ता है तो बीजेपी उसी पर राजनीतिक रोटियां सेंकती है. वर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी ऐसे लोगों को बिल्कुल तवज्जो नहीं देती.
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‘बीजेपी सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है’- आशुतोष वर्मा
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने नितेश राणे के बयान को पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना बताया. उन्होंने कहा कि देश में सद्भावना और शांति बनाए रखने की जरूरत है, लेकिन बीजेपी लगातार सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है. बीजेपी की यह रणनीति जनता अच्छी तरह समझ चुकी है. ऐसे बयान समाज को बांटने और हिंदू-मुस्लिम वैमनस्य फैलाने का काम करते हैं. सपा इन बयानों को गंभीरता से लेकर जवाब देने की बजाय इन्हें नजरअंदाज करने की रणनीति पर चल रही है.
राणे के बयान से महाराष्ट्र में बढ़ सकता है सांप्रदायिक तनाव
नितेश राणे के इस बयान का विपक्ष खूब आलोचना कर रहा है. राणे ने बकरीद पर कुर्बानी को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदुओं को होली-दिवाली पर ‘ड्राय होली’ मनाने और पटाखे न फोड़ने का ज्ञान देते हैं, वे बकरीद पर कंप्यूटर या स्क्रीन पर बकरे की तस्वीर लगाकर ‘वर्चुअल कुर्बानी’ क्यों नहीं देते? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राणे के इस बयान से महाराष्ट्र में सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है. समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह अल्पसंख्यक समुदाय के सम्मान और उनकी संस्थाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे भड़काऊ बयानों के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी.
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